ओशो- जब हम कहते है विकास तो उससे सा भ्रम पैदा होता है किस भी दिशाओं में विकास हो गया होगा, इवोल्यूशन हो गया होगा। आदमी की जिंदगी इतनी बड़ी चीज है, अगर आप एकाध चीज में विकास कर लेते हैं तो आपको पता ही नहीं चलता कि आप किसी दूसरी चीज में पीछे छूट […]Read More
ओशो- मैं जब छोटा था तो मेरे गांव में बहुत मदारी आते थे। फिर पता नहीं मदारी कहां चले गए! फिर मैं पूछने लगा कि मदारियों का क्या हुआ? मेरे गांव के बीच में ही बाजार है। उस बाजार में एक ही काम होता था: सुबह-शाम डमरू बज जाता। मदारी आते ही रहते, भीड़ इकट्ठी […]Read More
ओशो- देह शूद्र है। क्यों? क्योंकि देह में कुछ और है भी नहीं। देह की दौड़ कितनी है? खा लो, पी लो, भोग कर लो, सो जाओ। जीओ और मर जाओ। देह की दौड़ कितनी है! शूद्र की सीमा है यही। जो देह में जीता है, वह शूद्र है। शूद्र का अर्थ हुआ. देह के […]Read More
भिलाई/ सेनेटरी पैड के बारे में सुनकर तरह तरह की अफवाए है। इन अफवाहों को विराम लगाकर छात्राओं को इसके लिए जागरुकता लाने का प्रयास सिम्प्लेक्स कास्टिंग एमडी और समाज सेवी संगीता शाह जागरुकता अभियान चला रही है। महिलाओं ओर युवतियों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का बेडा संगीता शाह ने उठाया […]Read More
ओशो- हमने जीवन को दो हिस्सों में तोड़ लिया है, शरीर और आत्मा के। इसलिए समाज दो हिस्सों में टूट गयाः गृहस्थ और संन्यासी। संन्यासी वह है, जो आत्मा-आत्मा की बातें कर रहा है; गृहस्थ वह है, जो शरीर-शरीर की बातें कर रहा है। मनुष्य को तोड़ लिया है शरीर और आत्मा में। और समाज […]Read More
छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में कार्यरत व्यवसायिक प्रशिक्षकों के द्वारा
रायपुर- छत्तीसगढ़ नवीन व्यवसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ के प्रशिक्षकों के द्वारा अपने 2 सूत्री मांगों को लेकर आज शनिवार 5 अगस्त को ध्यानाकर्षण सभा एवं आग्रह रैली मे एकजुट होने कें लिए शनिवार को सुबह से ही धरना स्थल तूता पहुचे थे । तूता मे प्रदेश भर से आये 11 सौ से अधिक व्यवसायिक प्रशिक्षकों […]Read More
भिलाई/ अग्नि महिला कल्याण समिति के तत्वधान में बचपन के रंग डॉ. संगीता शाह के संग, कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान वैशाली नगर के कैम्प-2 लिंक रोड़ बाल मंदिर स्कूल में छोटे छोटे बच्चे-बच्चियों के स्वच्छता,पोषण,मानसिक विकास, सुरक्षा के विषय में सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में बच्चो के पालकों, शिक्षक -शिक्षिकाओं से सार्थक […]Read More
दुर्ग/ हमारी बेटियां हमारी शान है और वे ही प्रदेश के उज्जवल भविष्य की नींव हैं और इनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। जिस समाज की बेटियां सुरक्षित एवं सशक्त हो वही समाज विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता है।दिनांक 5/08/2023 को पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशन में एवम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर संजय ध्रुव […]Read More
ओशो- आंख नहीं देखती है; आंख के भीतर से तुम्हारी दृष्टि देखती है। इसलिए कभी कभी ऐसा हो जाता है कि तुम खुली आंख बैठे हो, कोई रास्ते से गुजरता है और दिखाई नहीं पड़ता; क्योंकि तुम्हारी दृष्टि कहीं और थी; तुम किसी और सपने में खोए थे भीतर; तुम कुछ और सोच रहे थे। […]Read More
ओशो- हम ऊपर देखने के आदी ही नहीं हैं। हमारी आंखें जमीन में गड़ गई हैं। हमारी आंखें जमीन की कशिश से बंध गई हैं। ऊपर उठाने में हमें आंखों को बड़ी पीड़ा होती है। क्षुद्र को देखकर हम बड़े प्रसन्न होते हैं। उससे हमारी बड़ी सजातीयता है। श्रेष्ठ को देखकर हम बड़े बेचैन होते […]Read More



