ओशो- सूत्र में प्रवेश के पहले पीछे मैंने आपको कहा था कि मंत्र के संबंध में कुछ कहूंगा। आज शिविर का अंतिम दिन है; मंत्र के पर्त संबंध में कुछ समझ लें। उसका प्रयोग जीवन में क्रांति ला सकता है। पहली बात जैसा मैंने कल कहा, पर्त पर्त तुम्हारे व्यक्तित्व में है; जैसे प्याज में […]Read More
ओशो- जब भी कोई व्यक्ति किसी और जैसा बनने की चेष्टा में रत होता है तभी गहरे में चोर हो जाता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी और को अपने ऊपर ओढ़ लेता है, तो नकली हो जाता है, असली नहीं रह जाता। आथेंटिक, प्रामाणिक निजता उसकी खो जाती है।इसका यह अर्थ नहीं है कि […]Read More
कुम्हारी/ दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत गठित जय माँ शीतला स्व सहायता समूह की महिलाएं धान के दानो से विभिन्न प्रकार के समान तैयार कर रही हैं इसी प्रकार रुद्राक्ष स्व सहायता समूह की महिलाएं कागज के लिफाफे, माला, नेकलेस, झुमका, दिया, फोटोफ्रेम आदि बना रही हैं। नगर पालिका की ओर से […]Read More
Once the 22nd Law Commission has south the opinion of people and religious organizations on the issue of Uniform Civil Code (UCC), Read More
ओशो- जीवन एक अवसर है। जीवन तथ्य नहीं, केवल एक संभावना है–जैसे बीज, बीज में छिपे हैं हजारों फूल, पर प्रकट नहीं–अप्रकट हैं, प्रच्छन्न हैं। बहुत गहरी खोज करोगे तो पा सकोगे। पा लोगे तो जीवन धन्य हो जाएगा। फूलों की सारी सुगंध फिर तुम्हारी है, और उनके सारे रंग भी, और उनकी कोमलता, और […]Read More
ओशो- देवता शब्द का अर्थ है… इस जगत में जो भी लोग हैं, जो भी आत्माएं हैं, उनके मरते ही साधारण व्यक्ति का जन्म तत्काल हो जाता है। उसके लिए गर्भ तत्काल उपलब्ध होता है। लेकिन बहुत असाधारण शुभ आत्मा के लिए तत्काल गर्भ उपलब्ध नहीं होता। उसे प्रतीक्षा करनी पड़ती है। उसके योग्य गर्भ […]Read More
भिलाई:- अपने श्रेष्ठ जीवन का विजन चित्र बनाएं और उसे जीवन में अप्लाई करें। परीक्षा के समय तैयारी नहीं परीक्षा के पहले तैयारी शुरू होती है, तो हमें भी जीवन में परेशानी आने से पहले मन को बहुत बहुत शक्तिशाली बनाना है, समय ना रुका है ना रुकने वाला है बल्कि और फास्ट गति से […]Read More



