जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर अलका बाघमार की मौजूदगी में हुआ रावण दहन

 जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर अलका बाघमार की मौजूदगी में हुआ रावण दहन

पटरी पार क्षेत्र को ₹11 करोड़ के सड़क और नाला निर्माण कार्यों की सौगात, नागरिकों ने चांदी की गदा भेंटकर महापौर का किया सम्मान

दुर्ग। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व दुर्ग के जवाहर नगर में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। जागृति पटरीपार रावण दहन समिति की ओर से वार्ड क्रमांक 18 स्थित जवाहर नगर खेल मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अलका बाघमार की उपस्थिति में रावण के पुतले का दहन किया गया। इससे पहले रामलीला का मंचन हुआ और आकर्षक आतिशबाजी ने उत्सव का माहौल और भी भव्य बना दिया।

दशहरा उत्सव में पटरी पार क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न इलाकों से लोग परिवार के साथ पहुंचे। आयोजन के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और बुराइयों के अंत का संदेश दिया गया।

चांदी की गदा भेंटकर महापौर का किया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और उत्सव समिति के सदस्यों ने महापौर अलका बाघमार को चांदी की गदा भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नागरिकों ने पटरी पार क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए महापौर के प्रति आभार व्यक्त किया।

नागरिकों ने कहा कि क्षेत्र में 7.50 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क और 3.50 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात मिलने से विकास को नई दिशा मिलेगी। इन कार्यों से आवागमन सुगम होने के साथ जल निकासी की व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद है।

अहंकार का त्याग ही दशहरा का प्रमुख संदेश : अलका बाघमार

दशहरा उत्सव को संबोधित करते हुए महापौर अलका बाघमार ने भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग के माध्यम से अहंकार त्यागने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रावण का अंत केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं, बल्कि अहंकार और बुराई के पतन का प्रतीक है।

महापौर ने प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब व्यक्ति के भीतर ‘मैं’ और अहंकार की भावना पैदा हो जाती है, तो उसका पतन निश्चित हो जाता है। इसलिए जीवन में कोई भी कार्य करते समय विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। सफलता का श्रेय केवल स्वयं को देने के बजाय सभी के सहयोग और आशीर्वाद को महत्व देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें बुराइयों का त्याग करने, सत्य के मार्ग पर चलने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

प्रत्येक वार्ड में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य

महापौर ने कहा कि नगर पालिक निगम का उद्देश्य शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना और नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। पटरी पार क्षेत्र में सड़क, नाला निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों को बेहतर आवागमन और जल निकासी की सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है। विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम निरंतर प्रयासरत है।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने की। इस अवसर पर वार्ड पार्षद एवं लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चन्द्राकर, विद्यावती सिंह, सावित्री दमाहे, सुरुचि उमरे, रंजीता पाटिल, युवराज कुंजम, अरुण सिंह, मनमोहन शर्मा और चतुर्भुज राठी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक तथा उत्सव समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजन में जागृति पटरीपार रावण दहन समिति के अध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता, सचिव नरसिंह ठाकुर, मन बहादुर थापा, शैलेंद्र जोशी, गोविंद सिंह चौहान, लक्ष्मी नारायण नागेंद्र, कालूराम मेहरा, सूरज लाल पटले, मनोज कुमार नायर, बलराम सिंह, राकेश श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिंह रावत, गैंदलाल नेताम, फिरत राम साहू, मोहन उपाध्याय, रामेश्वर प्रसाद टंडन, देवाशीष महापात्र, संतोष कुमार खरे, अनिल कुमार शुक्ला, मोहनलाल देवांगन, हरखन लाल देवांगन, के.पी. सिंह और ललित देवांगन सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

जवाहर नगर में आयोजित दशहरा उत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और क्षेत्रीय विकास के प्रति नागरिकों की उम्मीदों को भी अभिव्यक्त किया। रावण दहन और आतिशबाजी के बीच लोगों ने विजयादशमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया।