भिलाई में सुबह-सुबह एक्शन मोड में दिखीं निगम आयुक्त सुरुचि सिंह, विकास कार्यों और शहर की व्यवस्थाओं का किया औचक निरीक्षण

 भिलाई में सुबह-सुबह एक्शन मोड में दिखीं निगम आयुक्त सुरुचि सिंह, विकास कार्यों और शहर की व्यवस्थाओं का किया औचक निरीक्षण

भिलाई। भिलाई नगर निगम की आयुक्त सुरुचि सिंह शनिवार सुबह एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने शहर के विभिन्न वार्डों का औचक दौरा कर चल रहे विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम और नागरिक सुविधाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

सबसे पहले आयुक्त ने नेहरू भवन, सुपेला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सुपेला सब्जी मंडी पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। मंडी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने चंद्रा मौर्या के सामने निर्माणाधीन हाइजीनिक फूड जोन का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।इसके बाद उन्होंने नव निर्मित ई-बस स्टैंड की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। साथ ही वार्ड क्रमांक 8 स्थित गांधी चौक क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया।

आयुक्त ने स्मृति नगर, वार्ड क्रमांक 2 में ड्रेनेज व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक उपाय करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं और परिसर की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।निरीक्षण के समापन पर आयुक्त सुरुचि सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छता, जल निकासी, परिवहन एवं अन्य नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।