दुर्ग ने रचा इतिहास: पूर्णतः डिजिटल FIR प्रणाली लागू करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना

विवेचक और प्रार्थी दोनों के ई-साइन से दर्ज हो रही एफआईआर, पुलिस सेवाओं में डिजिटल क्रांति की नई शुरुआत
दुर्ग। डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए दुर्ग जिला छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां पूर्णतः डिजिटल एफआईआर (FIR) प्रणाली सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। अब जिले में न केवल सभी विवेचक ई-साइन (डिजिटल हस्ताक्षर) के माध्यम से एफआईआर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं, बल्कि प्रार्थियों के डिजिटल हस्ताक्षर भी लिए जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और तकनीक आधारित बन गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के सभी थानों को उपलब्ध कराए गए E-Pen के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन दुर्ग जिले में किया जा रहा है। इसी क्रम में थाना भिलाई नगर में एक प्रार्थी का पहला ई-साइन सफलतापूर्वक संपादित किया गया, जिसके साथ ही दुर्ग जिले ने एक नई उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली।
पुलिस विभाग के अनुसार वर्तमान में दुर्ग जिले के सभी विवेचक शत-प्रतिशत ई-साइन के माध्यम से प्रथम सूचना पत्र (FIR) की प्रक्रिया संपादित कर रहे हैं। अब विवेचक और प्रार्थी दोनों के डिजिटल हस्ताक्षरों के साथ एफआईआर दर्ज की जा रही है, जिससे दस्तावेजों की प्रामाणिकता और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।
पारदर्शी, सुरक्षित और तेज होगी एफआईआर प्रक्रिया
नई डिजिटल व्यवस्था से एफआईआर पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, समयबद्ध और नागरिक-अनुकूल बन गई है। इसके साथ ही कागज आधारित प्रक्रिया में कमी आने से अभिलेखों के रख-रखाव और दस्तावेजों के संरक्षण में भी सुविधा होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों को तेज, सरल और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
दुर्ग पुलिस लगातार तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दे रही है। आधुनिक डिजिटल संसाधनों के उपयोग से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्णतः डिजिटल एफआईआर प्रणाली इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दुर्ग पुलिस का संदेश
दुर्ग पुलिस ने कहा है कि वह आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर नवाचार कर रही है। भविष्य में भी डिजिटल प्रणालियों के विस्तार और स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।


