मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना से बेटियों को मिली नई उड़ान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बांटी साइकिलें, अब स्कूल का सफर होगा आसान

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में छात्राओं के चेहरों पर दिखी खुशी, कहा– अब समय पर और सुरक्षित पहुंचेंगे स्कूल
दुर्ग। जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 छात्राओं के लिए यादगार बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित कर उन्हें शिक्षा के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री के हाथों साइकिल प्राप्त करते ही छात्राओं के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलकने लगा। यह साइकिल उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत का प्रतीक बन गई।
योजना से लाभान्वित छात्राओं हर्षिका देवांगन, संध्या पटेल, मेनका सेन और विहारिका देवांगन ने बताया कि अब तक उन्हें विद्यालय आने-जाने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। विशेषकर बारिश के मौसम में कीचड़ और खराब रास्तों के कारण स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो जाता था। कई बार भीगकर विद्यालय पहुंचने से उनकी किताबें और कॉपियां भी खराब हो जाती थीं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी।
छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल मिलने से उनकी सबसे बड़ी समस्या दूर हो गई है। अब वे समय पर, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के विद्यालय पहुंच सकेंगी। इससे उनकी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी भागीदारी बढ़ेगी।
छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साइकिल उनके लिए सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का मजबूत आधार है। उनका कहना था कि सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों बेटियों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना, विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से सरकार बेटियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
यह योजना न केवल छात्राओं के स्कूल तक पहुंचने की राह आसान बना रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नई उड़ान देने का काम कर रही है।

