दुर्ग के स्टील कारोबारी पर जीएसटी का शिकंजा, 10 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी मामले में गिरफ्तारी


रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य कर (स्टेट जीएसटी) विभाग ने बड़े पैमाने पर टैक्स अनियमितता के एक मामले में कार्रवाई करते हुए दुर्ग जिले के उतई निवासी स्टील कारोबारी विजय यादव को गिरफ्तार किया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई करीब 10 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी से जुड़े मामले में की गई है। गिरफ्तारी के बाद कारोबारी को रायपुर स्थित स्टेट जीएसटी मुख्यालय लाकर पूछताछ की जा रही है।
लंबे समय से चल रही थी निगरानी
जानकारी के मुताबिक आयरन एवं स्टील स्क्रैप कारोबार से जुड़े विजय यादव की व्यावसायिक गतिविधियां पिछले कुछ समय से विभाग की निगरानी में थीं। रायपुर, दुर्ग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित कारोबार से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई तेज की।
अधिकारियों का कहना है कि कारोबारी के कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड, कर भुगतान विवरण और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
वित्तीय लेन-देन और आईटीसी की जांच
स्टेट जीएसटी की जांच टीम फिलहाल कारोबारी से विभिन्न वित्तीय पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। इसमें व्यापारिक लेन-देन, बिलिंग व्यवस्था, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के उपयोग और कर संबंधी दस्तावेजों की जांच प्रमुख रूप से शामिल है।
विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कथित टैक्स चोरी का स्वरूप क्या था और इसमें अन्य व्यक्तियों या व्यावसायिक संस्थाओं की कोई भूमिका रही है या नहीं।
फर्जी बिलिंग नेटवर्क की भी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब इस बात की भी जानकारी जुटा रही हैं कि यदि फर्जी बिलिंग या अनियमित कर लाभ का कोई नेटवर्क संचालित हुआ है तो उसका लाभ किन-किन फर्मों और कारोबारियों ने लिया। विभाग संबंधित दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है।
जांच में यदि अन्य व्यापारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रिकवरी और दंडात्मक कार्रवाई की संभावना
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ विभाग संभावित टैक्स रिकवरी, ब्याज और पेनल्टी से संबंधित प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद कर देनदारियों का वास्तविक आंकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।
जांच जारी
फिलहाल स्टेट जीएसटी विभाग की टीम कारोबारी से पूछताछ कर रही है और विभिन्न दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
(नोट: यह मामला जांच के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

