दहेज, दिखावे और फिजूलखर्ची से दूर: खपरी में संपन्न हुआ आदर्श दहेज मुक्त विवाह, समाज को दिया सकारात्मक संदेश

कुम्हारी। समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, नशाखोरी और अनावश्यक दिखावे जैसी कुरीतियों के खिलाफ एक प्रेरणादायक पहल करते हुए ग्राम खपरी में शनिवार 19 जुलाई 2026 को सादगीपूर्ण एवं दहेज मुक्त आदर्श विवाह (रमैनी) का आयोजन संपन्न हुआ। संत रामपाल महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस विवाह ने सामाजिक सुधार और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया।इस अवसर पर ग्राम धरनी निवासी अजय दास (पिता किसुन दास) तथा ग्राम सांकरा निवासी नेहा दासी (पिता जीवन दास) वैवाहिक बंधन में बंधे। विवाह समारोह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें न तो दहेज का लेन-देन हुआ और न ही किसी प्रकार की फिजूलखर्ची या आडंबर किया गया। दोनों परिवारों ने अत्यंत सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए नए जीवन की शुरुआत की।

समाज के लिए बना प्रेरणादायक उदाहरण

आयोजन में उपस्थित लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में जब विवाह समारोहों में अत्यधिक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, ऐसे में दहेज मुक्त और सादगीपूर्ण विवाह समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण हैं। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि बेटियों के परिवारों पर पड़ने वाले सामाजिक और वित्तीय दबाव को भी समाप्त करने में मदद मिलती है।

सामाजिक जागरूकता का भी दिया संदेश

विवाह समारोह के दौरान संत रामपाल महाराज द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक अभियानों और मानव कल्याण से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि दहेज मुक्त भारत, नशा मुक्त भारत तथा भ्रष्टाचार एवं पाखंड मुक्त समाज का निर्माण समय की आवश्यकता है। समाज को नशे जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से दूर रहकर स्वच्छ, पारदर्शी और आडंबर रहित सामाजिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक

इस अवसर पर दुर्ग जिले के अनेक पदाधिकारी, श्रद्धालु और ग्रामीणजन मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिला संयोजक खेमेंद्र दास, ब्लॉक संयोजक देवेंद्र दास, मोहन दास, धनसिंह दास, शैलेश दास सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों ने समारोह में सहभागिता निभाई।

दहेज मुक्त विवाह को बताया समय की जरूरत

उपस्थित लोगों ने कहा कि विवाह को व्यापार नहीं, बल्कि दो परिवारों के पवित्र मिलन के रूप में देखा जाना चाहिए। दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त कर ही एक समानतापूर्ण और सम्मानजनक समाज की स्थापना संभव है। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से भी ऐसे आदर्श विवाहों को अपनाने का आह्वान किया।ग्राम खपरी में संपन्न यह दहेज मुक्त आदर्श विवाह सामाजिक समरसता, सादगी और जागरूकता का संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।