19 लाख की ट्रेडिंग ठगी का खुलासा: निवेश राशि चार गुना करने का झांसा देकर महिला ने ऐंठे लाखों, गिरफ्तार होकर पहुंची जेल
28 माह में रकम चार गुना और हर माह 10-12 फीसदी रिटर्न का दिया था लालच, जांच में मिले संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन
दुर्ग। अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से लाखों रुपये ठगने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने ट्रेडिंग कंपनी में निवेश के नाम पर लोगों से रकम जमा कराई और 28 माह में निवेश राशि चार गुना करने तथा प्रतिमाह 10 से 12 प्रतिशत रिटर्न देने का झूठा वादा किया। मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम जोरातराई निवासी दीपक कुमार अहिरवार ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई थी कि तृप्ती साहू नामक महिला ने रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने के नाम पर उनसे और अन्य लोगों से लाखों रुपये जमा कराए। महिला ने दावा किया था कि निवेशकों की राशि 28 माह में चार गुना हो जाएगी और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक ट्रेडिंग रिटर्न मिलेगा।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने भरोसा कर कुल 19 लाख रुपये निवेश किए, लेकिन तय अवधि पूरी होने के बाद भी न तो मूल राशि लौटाई गई और न ही किसी प्रकार का लाभांश दिया गया। बाद में पता चला कि निवेश के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है।
बैंक खातों की जांच में सामने आए संदिग्ध लेन-देन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी महिला के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक में संचालित खातों की जांच की गई। बैंक स्टेटमेंट के परीक्षण में लाखों रुपये के संदिग्ध और अनाधिकृत वित्तीय लेन-देन सामने आए।
पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि निवेशकों से प्राप्त धनराशि का उपयोग कथित निवेश के बजाय निजी खर्चों और अन्य लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में किया गया।
पूछताछ में स्वीकार किया निवेशकों की राशि का उपयोग
पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को आरोपी तृप्ती साहू (33 वर्ष), निवासी ग्राम असोगा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने निवेशकों से प्राप्त रकम का स्वयं उपयोग करने तथा अन्य सहयोगियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात स्वीकार की।
प्रकरण में थाना उतई पुलिस ने अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत धारा 420 एवं 34 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।
ऐसे दिया जाता था मुनाफे का झांसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को कम समय में अत्यधिक मुनाफा कमाने का सपना दिखाती थी। निवेशकों को बताया जाता था कि उनकी राशि 28 माह में चार गुना हो जाएगी और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत का निश्चित ट्रेडिंग रिटर्न मिलेगा। इसी लालच में कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश कर दी।
पुलिस ने जब्त किए महत्वपूर्ण दस्तावेज
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंक खातों की पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा कार क्रमांक CG 07 CF 8179 जब्त की है। इन दस्तावेजों के आधार पर आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना उतई के निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक श्रीराम पेन्ड्रो, सहायक उप निरीक्षक सुरेश पाण्डेय, महिला आरक्षक पूजा सोनकर तथा महिला आरक्षक बिन्दु भाले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना, ट्रेडिंग कंपनी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता और पंजीयन की पूरी जानकारी अवश्य जांच लें। यदि कोई व्यक्ति या संस्था कम समय में अत्यधिक लाभ का प्रलोभन दे रही हो तो सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वित्तीय या साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

