राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य परीक्षा में चमकी जंजगिरी की श्रद्धा, राज्य की टॉप-10 प्रावीण्य सूची में बनाई जगह

 राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य परीक्षा में चमकी जंजगिरी की श्रद्धा, राज्य की टॉप-10 प्रावीण्य सूची में बनाई जगह

शिक्षिका अंजना सिंह के मार्गदर्शन में मिली बड़ी सफलता, धमधा ब्लॉक के 4 विद्यार्थियों का चयन, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

कुम्हारी/धमधा। “सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।” इस प्रेरणादायक विचार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजस) जंजगिरी की शिक्षिका अंजना सिंह और उनकी शिष्या श्रद्धा इंदौरिया ने साकार कर दिखाया है।राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSS) 2025-26 के परिणामों में जंजगिरी की छात्रा श्रद्धा इंदौरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की टॉप-10 प्रावीण्य सूची में स्थान हासिल किया है। श्रद्धा ने परीक्षा में 146 अंक प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे धमधा विकासखंड और दुर्ग जिले का नाम रोशन किया है।इस उपलब्धि के साथ श्रद्धा ने अपने माता-पिता, गांव जंजगिरी, विद्यालय परिवार और शिक्षकों को गौरवान्वित करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विशेष बात यह है कि इस वर्ष विद्यालय के कुल चार विद्यार्थियों—श्रद्धा इंदौरिया, जया देवांगन, गगन साहू और लाभेश गुप्ता—ने राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

लगातार पांच वर्षों से सफलता का सिलसिला

सेजस जंजगिरी के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले पांच वर्षों से विद्यालय के छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में चयनित होकर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।

कैसे होती है परीक्षा की तैयारी?

मेंटोर शिक्षिका अंजना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं। पहला प्रश्नपत्र मानसिक योग्यता एवं रीजनिंग पर आधारित होता है, जबकि दूसरा प्रश्नपत्र मुख्य विषयों से संबंधित प्रश्नों का होता है। दोनों प्रश्नपत्रों में अलग-अलग उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को सफलता दिलाने के लिए वे सबसे पहले उनमें आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित करती हैं। कक्षा 6वीं से 8वीं तक के पाठ्यक्रम का पुनरावर्तन कराने के साथ-साथ रीजनिंग के शॉर्ट ट्रिक्स और विशेष अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराती हैं। विद्यालय समय के बाद अतिरिक्त समय देकर बच्चों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

ऑनलाइन कक्षाओं से मिला लाभ

विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस सफलता का श्रेय शिक्षिका अंजना सिंह को देते हुए बताया कि वे पूरे वर्ष नियमित रूप से शाम को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करती हैं। जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपनी ओर से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करती हैं।

अंजना सिंह का मानना है कि शिक्षण केवल एक पेशा नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। विद्यार्थियों की सफलता ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

चयनित विद्यार्थियों को मिलेगा 48 हजार रुपये का लाभ

राष्ट्रीय सह साधन प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इस परीक्षा में चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस प्रकार चार वर्षों में प्रत्येक विद्यार्थी को कुल 48 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जो उनकी आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

अधिकारियों और विद्यालय परिवार ने दी बधाई

इस उल्लेखनीय सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक केशव पटेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा, एबीईओ कैलाश साहू सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षिका अंजना सिंह और चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी है।

वहीं, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जंजगिरी की प्राचार्य श्रीमती मिनी गोपीनाथन ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी चयनित विद्यार्थियों और उनकी मेंटोर शिक्षिका को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी विद्यालय के विद्यार्थी इसी प्रकार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इस सफलता से पूरे जंजगिरी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामवासियों, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) और शाला परिवार ने शिक्षिका अंजना सिंह तथा उनके “सुपर फोर” विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।