नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी पर FIR
दुर्ग/ नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी (CDPO) रचिता नायडू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। फिलहाल रचिता नायडू अभनपुर में पदस्थ हैं, जबकि इससे पहले वे दुर्ग शहरी परियोजना अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं।
पीड़िता ने नौकरी के नाम पर दिए लाखों रुपये
दुर्ग के गया नगर न्यू कॉलोनी निवासी अनुरागिनी तिवारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि सीडीपीओ रचिता नायडू ने उन्हें विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान उनसे 3 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली गई। जब लंबे समय तक कोई नियुक्ति नहीं हुई और रकम वापस भी नहीं मिली, तब पीड़िता ने थाने में शिकायत की।
अन्य लोगों से भी वसूले गए पैसे
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि रचिता नायडू ने अन्य दो लोगों से भी इसी तरह ठगी की।
- ज्योति ढीमर से करीब 20 हजार रुपये
- राकेश साहू से लगभग 4 लाख रुपये
तीनों पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि जल्द ही विभाग में नौकरी लग जाएगी, लेकिन बाद में संपर्क करने पर टालमटोल शुरू कर दी गई।
दुर्ग पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस ठगी के पीछे और कौन लोग शामिल हैं तथा रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ था।
पुलिस जांच जारी
मामले की जांच फिलहाल जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागीय स्तर पर भी रचिता नायडू की भूमिका की जांच की संभावना जताई जा रही है।



