एम्स रायपुर के बाहर नशीली सिरप सप्लाई का खुलासा — भिलाई से आ रही थी खेप, दो युवक गिरफ्तार

रायपुर/ राजधानी रायपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एम्स रायपुर के गेट नंबर-4 के पास से दो युवकों को नशीली कोडीन सिरप की अवैध बिक्री करते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 40 बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद की हैं।

एसीसीयू और आमानाका पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

बुधवार देर रात एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) को सूचना मिली थी कि आमानाका थाना क्षेत्र के अंतर्गत एम्स के पास कुछ युवक ई-रिक्शा में नशीली सिरप बेचने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही एसीसीयू और आमानाका पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध ई-रिक्शा की तलाशी ली। तलाशी में 40 बोतल कोडीन सिरप बरामद हुई, जिसके बाद कोटा कृष्णा नगर निवासी युवराज सिंह और वाजिद खान को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

भिलाई से होती थी सप्लाई, रायपुर में चल रहा था नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि यह प्रतिबंधित सिरप भिलाई से सप्लाई की जाती थी। वे इसे रायपुर लाकर नशे के शौकीनों को ऊंचे दामों पर बेचते थे।
जांच में सामने आया है कि रायपुर और आसपास के कई इलाकों में कोडीन सिरप की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और सप्लायरों की तलाश में जुटी हुई है।

शराब तस्करी में भी रहा है मुख्य आरोपी शामिल

मुख्य आरोपी युवराज सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी अवैध शराब तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। उस दौरान वह अपने साथियों के साथ मध्यप्रदेश से शराब की तस्करी करता था।
पुलिस ने तब उसकी तीन कारें जब्त की थीं। अब फिर से युवराज नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल पाया गया है।

नेटवर्क का पर्दाफाश जारी

एसीसीयू प्रभारी के अनुसार, यह मामला सिर्फ दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भिलाई से रायपुर तक सिरप की खेप किस चैनल से आती थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्क सूत्रों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, नशे के खिलाफ अभियान तेज

रायपुर पुलिस ने बताया कि शहर में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को उसी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।