अनुयायी नहीं, विचारधारा की वैज्ञानिकता है असली कसौटी “ओशो”
ओशो ने कहा—किसी विचारधारा की सफलता का पता उसके सिद्धांतों से नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में उनके क्रियान्वयन से चलता है। भावनात्मक आस्था के बजाय तर्क, विवेक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विचारों को समझना जरूरी है। व्यक्ति परिवर्तन और समाज परिवर्तन में क्या है बुनियादी अंतर? ओशो के इस प्रवचन में व्यक्ति, विचारधारा और उसके […]Read More



