जेएनयू की छात्राओं से जुड़े कथित यौन शोषण मामले पर दुर्ग में महिला मोर्चा का प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय का किया घेराव

 जेएनयू की छात्राओं से जुड़े कथित यौन शोषण मामले पर दुर्ग में महिला मोर्चा का प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय का किया घेराव

राहुल गांधी से जवाबदेही तय करने की मांग, भाजपा महिला मोर्चा ने कहा—महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं

दुर्ग। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राओं से जुड़े कथित यौन शोषण मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी के विरोध में भाजपा जिला महिला मोर्चा ने दुर्ग में जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक के मार्गदर्शन एवं जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर के नेतृत्व में महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दुर्ग स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी से मामले में अपना स्पष्ट पक्ष रखने तथा संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की गई।

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर जवाबदेही की मांग

प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व का रवैया सवालों के घेरे में है। महिला मोर्चा ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और शिकायतों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा इस मामले में जवाबदेही की मांग कर रहा है और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा कार्यकर्ता लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

तृप्ति चंद्राकर ने कांग्रेस नेतृत्व से मांगा स्पष्ट जवाब

जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर ने कहा कि जेएनयू की छात्राओं से संबंधित कथित यौन शोषण मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के विरुद्ध 11 छात्राओं से संबंधित कथित शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पक्षों को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। राहुल गांधी से भी इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और पार्टी स्तर पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की गई।

तृप्ति चंद्राकर ने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर हैं। भाजपा महिला मोर्चा की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, पीड़ित छात्राओं को न्याय मिले और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

महापौर अलका बाघमार ने भी उठाया महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता केवल बयानों तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी प्रदर्शित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच में दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बड़ी संख्या में महिला मोर्चा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे उपस्थित

इस विरोध प्रदर्शन में जिला संभाग प्रभारी महिला मोर्चा शीतल नायक, प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री कुमुद बघेल, जिला मंत्री गायत्री वर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पदमा देवांगन, प्रदेश महिला मोर्चा कार्यसमिति सदस्य ममता देवांगन एवं दिव्या कलियारी, जिला महिला मोर्चा महामंत्री ममता राव एवं भारती साहू, उपाध्यक्ष झरना वर्मा, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष श्वेता यादव और मीडिया प्रभारी श्वेता बक्शी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा मंडल अध्यक्ष प्रीति साहू, किरण यादव, उषा साहू, संजू शर्मा, श्वेता कन्नौजिया, अंजू तिवारी, दिनेश्वरी तुरकर, सुमन वर्मा, अनुपमा गोस्वामी और हेमलता देशमुख सहित जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी तथा भाजपा कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

महिला मोर्चा ने दोहराई न्याय की मांग: प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा महिला मोर्चा ने मांग की कि महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, शिकायतकर्ताओं को न्याय मिले और जांच में आरोप प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।