राशन दुकान नियमित नहीं खुलने से परसदा में लगी लंबी कतार, हितग्राहियों में नाराजगी

 राशन दुकान नियमित नहीं खुलने से परसदा में लगी लंबी कतार, हितग्राहियों में नाराजगी

माह के अंतिम दिनों में बढ़ी भीड़, अभी सिर्फ एंट्री होने से लोगों को करना पड़ रहा इंतजार

कुम्हारी। नगर पालिका परिषद कुम्हारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसदा स्थित शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान में सोमवार को राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों की लंबी कतार लग गई। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने से दुकान के बाहर काफी भीड़ नजर आई। हितग्राहियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी देखी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकान नियमित और निर्धारित समय पर नहीं खुलने के कारण माह के अंतिम दिनों में हितग्राहियों की भीड़ बढ़ गई है। सितंबर माह समाप्त होने में अब महज दो दिन शेष हैं, ऐसे में राशन लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग दुकान पहुंच रहे हैं।

वार्ड 13 और 16 के हितग्राही इसी दुकान पर निर्भर

जानकारी के अनुसार, ग्राम परसदा के वार्ड क्रमांक 13 एवं 16 के राशन कार्डधारी इसी शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार दुकान के नियमित रूप से संचालित नहीं होने के कारण कई हितग्राही समय पर राशन नहीं ले पाते और महीने के अंतिम दिनों में एक साथ दुकान पहुंचने को मजबूर होते हैं।

अभी सिर्फ एंट्री, राशन के लिए करना पड़ रहा इंतजार

दुकान के बाहर मौजूद हितग्राहियों ने बताया कि फिलहाल राशन वितरण की प्रक्रिया के बजाय केवल एंट्री की जा रही है, जिसके चलते लोगों को और अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी कतार में महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य हितग्राही अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

चावल मिलने के बाद नमक-शक्कर के लिए दोबारा लगाना पड़ता है चक्कर

हितग्राहियों की शिकायत केवल दुकान के नियमित संचालन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार चावल तो उपलब्ध करा दिया जाता है, लेकिन नमक और शक्कर के लिए उन्हें दोबारा राशन दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे समय और मेहनत दोनों की परेशानी बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब हितग्राही राशन लेने के लिए दुकान तक पहुंचते हैं, तो उन्हें शासन द्वारा निर्धारित राशन सामग्री एक साथ उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बार-बार दुकान आने की जरूरत न पड़े।

व्यवस्था सुधारने की मांग

राशन दुकान के बाहर लगी लंबी कतार और हितग्राहियों की शिकायतों के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मामले में ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि शासकीय उचित मूल्य की दुकान का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में चावल, नमक, शक्कर सहित अन्य राशन सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि राशन वितरण की व्यवस्था ऐसी हो कि माह के अंतिम दिनों में अचानक भीड़ न बढ़े और हितग्राहियों को घंटों कतार में खड़े होकर इंतजार न करना पड़े।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और राशन दुकान के संचालन एवं वितरण व्यवस्था को लेकर क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।