मिट्टी के श्री गणेश का टब में विधि-विधान से विसर्जन, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रेस क्लब अम्लेश्वर के अध्यक्ष करन साहू के परिवार ने पेश की पर्यावरण संरक्षण की अनुकरणीय मिसाल
अम्लेश्वर। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए अम्लेश्वर में मिट्टी से निर्मित श्री गणेश जी की प्रतिमा का विधि-विधान के साथ टब में विसर्जन किया गया। यह पहल पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की जा रही है।
प्रेस क्लब अम्लेश्वर के अध्यक्ष करन साहू के सुपुत्र आदित्य साहू एवं अश्विन साहू ने इस वर्ष भी अपने निवास पर मिट्टी से निर्मित श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की। परिवार द्वारा 11 दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की गई।
अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर 25 सितंबर, शुक्रवार को हवन-पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात श्री गणेश जी की प्रतिमा का टब में विधि-विधानपूर्वक विसर्जन किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि एवं सभी के कल्याण की कामना की।
मिट्टी की प्रतिमा पर्यावरण के लिए सुरक्षित
पत्रकार एवं प्रेस क्लब अम्लेश्वर के अध्यक्ष करन साहू ने कहा कि मिट्टी से निर्मित छोटी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और घर में ही उनका विसर्जन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सरल और प्रभावी पहल है। इससे नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों में होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की गणेश प्रतिमा प्राकृतिक होने के कारण पर्यावरण के अनुकूल होती है। पानी में विसर्जित होने के बाद मिट्टी आसानी से घुलकर पुनः प्रकृति में मिल जाती है। इसके माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जा सकता है।
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
करन साहू के परिवार की यह पहल लोगों को यह संदेश देती है कि धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है। घर में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर टब या अन्य उपयुक्त पात्र में विसर्जन करने से जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है।
परिवार की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।



