फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में पद्मनाभपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 और आरोपी गिरफ्तार

 फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में पद्मनाभपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 और आरोपी गिरफ्तार

दूसरों के नाम व दस्तावेजों से मोबाइल-एसी सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान कराया जाता था फाइनेंस, सेकंड हैंड बाजार में बेचकर कमाते थे मुनाफा

दुर्ग। थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में सामने आए फाइनेंस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अन्य व्यक्तियों के नाम एवं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से मोबाइल, एसी सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराते थे। इसके बाद फाइनेंस कराया गया सामान संबंधित व्यक्ति को देने के बजाय सेकंड हैंड बाजार में बेच दिया जाता था।

इस मामले में पुलिस पहले ही ऋषभ शर्मा, दीपेश जोशी और दुर्गेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मिहिर रंजन रॉय और शेखर देशमुख को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।

दूसरों के दस्तावेजों से कराया जाता था फाइनेंस

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों के नाम एवं दस्तावेजों का उपयोग कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से मोबाइल, एसी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराया जाता था। फाइनेंस प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को सामान उपलब्ध नहीं कराया जाता था।

इसके बाद फाइनेंस कराया गया सामान सेकंड हैंड बाजार में बेचकर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। वहीं, सामान संबंधित व्यक्ति को नहीं मिलने के बावजूद फाइनेंस की किस्त चुकाने की जिम्मेदारी उसके नाम पर बनी रहती थी।

पूर्व में 3 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

प्रकरण में पुलिस द्वारा पूर्व में ऋषभ शर्मा, उम्र 26 वर्ष, निवासी केलाबाड़ी, दुर्ग; दीपेश जोशी, उम्र 21 वर्ष, निवासी पुरानी पुलिस लाइन, गंजपारा, दुर्ग तथा दुर्गेश गुप्ता, उम्र 26 वर्ष, निवासी मान होटल, शंकर निवास, कोतवाली दुर्ग को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी करते हुए मिहिर रंजन रॉय और शेखर देशमुख को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

1. मिहिर रंजन रॉय, उम्र 25 वर्ष
निवासी चौहान टाउनशिप, स्मृति नगर, भिलाई, जिला दुर्ग।

2. शेखर देशमुख, उम्र 27 वर्ष
निवासी केलाबाड़ी, दुर्ग, जिला दुर्ग।

मोबाइल और दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से प्रकरण से संबंधित सामग्री भी बरामद की है। इसमें—

  • सैमसंग कंपनी का 1 मोबाइल फोन।
  • बैंक खातों से संबंधित पासबुक।
  • प्रकरण से संबंधित अन्य वैधानिक दस्तावेज एवं साक्ष्य।

शामिल हैं।

इस तरह करते थे धोखाधड़ी

पुलिस के अनुसार आरोपियों का कथित तौर पर अपराध करने का तरीका यह था कि वे—

दूसरे व्यक्तियों के नाम एवं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फाइनेंस सुविधा प्राप्त करते थे।

फाइनेंस कराए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान को संबंधित व्यक्ति को देने के बजाय सेकंड हैंड बाजार में बेच देते थे।

इसके बाद फाइनेंस की किस्तों का भुगतान नहीं करते हुए अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित करते थे।

इस तरह संबंधित व्यक्ति के नाम पर फाइनेंस की देनदारी बनी रहती थी, जबकि फाइनेंस कराया गया सामान उसके पास पहुंचता ही नहीं था।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विवेचना लगातार जारी है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर नए आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश एवं अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम, पहचान संबंधी दस्तावेज, बैंक खाता अथवा व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल फाइनेंस या अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए न करने दें।

पुलिस ने कहा है कि दस्तावेजों या बैंक खातों के दुरुपयोग की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।