संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ₹5 लाख की ठगी, 8 साल बाद आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस की कार्रवाई: दो लोगों से लिए थे पांच लाख रुपये, नौकरी नहीं लगने पर भी नहीं लौटाई रकम; बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन का वीडियो और लोन दस्तावेज बने अहम साक्ष्य

भिलाई/दुर्ग। संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल ₹5 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने लंबे समय से लंबित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी शमीम खान, निवासी गुरुघासीदास वार्ड क्रमांक 44, कसारीडीह, दुर्ग को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह मामला वर्ष 2018 का है। प्रार्थी डी. सत्य साईं (36 वर्ष), निवासी डाक बंगला पुरैना ने 17 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शमीम खान ने संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने प्रार्थी और उसके परिचित सी.एच. बैकुंठ राव से नौकरी लगाने के नाम पर कुल ₹5 लाख प्राप्त किए।

राशि लेने के बाद आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रकम वापस की। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।

वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज जुटाए

विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराए गए यूनियन बैंक के बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन से संबंधित वीडियो युक्त पेन ड्राइव तथा लोन से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया। पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता की जांच की।

जांच के दौरान आरोपी शमीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने राशि प्राप्त करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उसे 13 सितंबर 2026 को दोपहर 1:40 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

ऐसे दिया था ठगी को अंजाम

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर प्रार्थी और उसके परिचित से रकम ली थी। नौकरी लगने की उम्मीद में दोनों ने आरोपी को कुल ₹5 लाख दिए, लेकिन नौकरी नहीं लगी। इसके बाद आरोपी ने रकम वापस भी नहीं की।

ये सामान किए गए जब्त

पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान:

  • यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट
  • लेनदेन संबंधी वीडियो वाली पेन ड्राइव
  • लोन से संबंधित दस्तावेज

को जब्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया है।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय अथवा निजी नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को राशि देने से पहले संबंधित विभाग और नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी तरह सत्यता जांच लें। नौकरी लगाने या सरकारी पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें और ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

पुरानी भिलाई पुलिस की इस कार्रवाई में प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के साक्ष्यों को जुटाकर विवेचना के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई।