भिलाई में 4 सितंबर को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, हेरिटेज फेस्ट में दिखेगी स्कूली बच्चों की प्रतिभा
भिलाई। इस्कॉन भिलाई–हरे कृष्ण मूवमेंट द्वारा शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को सेक्टर-6 स्थित इस्कॉन मंदिर, अक्षय पात्र परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं हेरिटेज फेस्ट 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर भिलाई, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इस्कॉन भिलाई–हरे कृष्ण मूवमेंट पिछले 15 वर्षों से भिलाई में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन करता आ रहा है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, भक्ति कार्यक्रमों, कीर्तन और महाप्रसाद में शामिल होते हैं। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
वृंदावन के फूल सज्जाकार करेंगे विशेष पुष्प सज्जा
जन्माष्टमी महोत्सव में मंदिर और भगवान के विग्रहों की विशेष पुष्प सज्जा की जाएगी। इसके लिए वृंदावन से अनुभवी फूल सज्जाकारों को बुलाया जा रहा है। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महा अभिषेक, झूलन उत्सव, फूल बंगला, पालकी उत्सव, छप्पन भोग, भजन-कीर्तन और नौका विहार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
हेरिटेज फेस्ट में स्कूली बच्चे दिखाएंगे प्रतिभा
इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव के साथ हेरिटेज फेस्ट 2026 का भी आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष रूप से विद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए अंतर-विद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव होगा। इसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चे गायन, नृत्य, ड्राइंग, पेंटिंग सहित विभिन्न कला एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
आयोजकों के अनुसार हेरिटेज फेस्ट का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है। प्रतियोगिताओं के लिए ऑनलाइन प्रवेश एवं पंजीकरण किया जा सकता है।
पंजीकरण लिंक: हेरिटेज फेस्ट 2026 पंजीकरण
सुबह 4:30 बजे से शुरू होंगे कार्यक्रम
जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से होगी। इसके बाद 5:30 बजे प्रातः अभिषेक, 7 बजे झूलन उत्सव और 8 बजे दर्शन आरती होगी। दोपहर 12:30 बजे राजभोग आरती का आयोजन किया जाएगा।
शाम को 7 बजे संध्या आरती के बाद 7:30 बजे नौका विहार (बोट फेस्टिवल) विशेष आकर्षण रहेगा। भगवान श्रीकृष्ण को सुसज्जित नौका पर विराजमान कर भजन-कीर्तन के बीच नौका विहार कराया जाएगा।
इसके बाद रात 8:15 से 9:30 बजे तक भजन संध्या, 9:30 बजे पालकी उत्सव और रात 10 बजे से 11:30 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा अभिषेक होगा। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन और कीर्तन के बीच भगवान श्रीकृष्ण का विशेष अभिषेक किया जाएगा।
रात्रि 12 बजे मध्यरात्रि महा आरती के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद रात 12:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम की समय-सारिणी
- मंगल आरती – प्रातः 4:30 बजे
- प्रातः अभिषेक – प्रातः 5:30 बजे
- झूलन उत्सव – सुबह 7:00 बजे
- दर्शन आरती – सुबह 8:00 बजे
- राजभोग आरती – दोपहर 12:30 बजे
- संध्या आरती – शाम 7:00 बजे
- नौका विहार/बोट फेस्टिवल – शाम 7:30 बजे
- भजन संध्या – रात 8:15 से 9:30 बजे तक
- पालकी उत्सव – रात 9:30 बजे
- जन्माष्टमी महा अभिषेक – रात 10:00 से 11:30 बजे तक
- मध्यरात्रि महा आरती – रात 12:00 बजे
- महाप्रसाद वितरण – रात 12:30 बजे से
श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों से शामिल होने की अपील
स्थान: इस्कॉन मंदिर–हरे कृष्ण मूवमेंट, अक्षय पात्र परिसर, सेक्टर-6, भिलाई।
इस्कॉन भिलाई–हरे कृष्ण मूवमेंट ने भिलाई, दुर्ग एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं और नागरिकों से परिवार एवं मित्रों के साथ जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने अधिक से अधिक विद्यालयों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से हेरिटेज फेस्ट में पंजीकरण कर भाग लेने का आग्रह किया है।
आयोजकों का कहना है कि जन्माष्टमी महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्मिक परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ने का अवसर भी बनेगा।



