निर्माणाधीन सड़क बनी आफत, कीचड़ में जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
कुम्हारी के कांजीहाउस स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल मार्ग का मामला, न डायवर्सन की व्यवस्था न सुरक्षा संकेतक; जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
राकेश कुमार की रिपोर्ट
कुम्हारी। नगर पालिका क्षेत्र के कांजीहाउस स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल मार्ग का निर्माण एवं मरम्मत कार्य इन दिनों सुविधा के बजाय राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। जर्जर सड़क से निजात दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया निर्माण कार्य फिलहाल लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। सड़क का बड़ा हिस्सा खोद दिए जाने और बारिश के बाद जगह-जगह कीचड़ जमा होने से स्कूली बच्चों, शिक्षकों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय रहवासियों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्वामी आत्मानंद स्कूल मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में था। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक, कर्मचारी और आसपास के नागरिक आवाजाही करते हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा सड़क निर्माण एवं मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया है, लेकिन निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन नहीं होने से समस्या और बढ़ गई है।
सड़क खुदी, बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
निर्माण कार्य के दौरान सड़क का बड़ा हिस्सा खोद दिया गया है। बारिश होने के बाद खुदी हुई सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो गया है। स्थिति ऐसी है कि पैदल राहगीरों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी फिसलन के कारण दुर्घटना के खतरे के बीच गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त होने की स्थिति सामने आई है, जिससे सड़क की परेशानी के साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
न सूचना बोर्ड, न स्पष्ट डायवर्जन
निर्माण स्थल पर सबसे बड़ी लापरवाही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नजर आ रही है। राहगीरों को निर्माण कार्य और संभावित खतरे की जानकारी देने के लिए पर्याप्त सूचना बोर्ड, बैरिकेडिंग अथवा चेतावनी संकेतक दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए स्पष्ट वैकल्पिक मार्ग या डायवर्जन की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
ऐसे में लोगों के सामने एक ही रास्ता बचता है—खुदी और कीचड़ से भरी निर्माणाधीन सड़क से होकर गुजरना। शाम के समय और बारिश के दौरान यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
इस मार्ग पर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचते हैं। छोटे बच्चों को भी इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। कीचड़, फिसलन और जगह-जगह खुदी सड़क के बीच बच्चों का आवागमन अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है और जर्जर सड़क से राहत के लिए इसका जल्द पूरा होना भी आवश्यक है, लेकिन निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। खासकर स्कूल मार्ग होने के कारण यहां अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
जल्द सुरक्षा इंतजाम की व्यवस्था हो
निर्माणाधीन सड़क पर तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं। साथ ही स्कूली बच्चों और आम राहगीरों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि निर्माण पूरा होने तक किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
लोगों का कहना है कि सड़क विकास का काम जनता की सुविधा के लिए होता है, लेकिन यदि निर्माण के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की अनदेखी की गई तो यही विकास कार्य हादसे का कारण बन सकता है। इसलिए प्रशासन को मामले में तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण स्थल की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।



