राशनकार्ड सुधार में देरी पड़ी भारी: तिल्दा CMO पर कलेक्टर ने लगाया 100 रुपये जुर्माना
तय समय सीमा में हितग्राही का काम नहीं होने पर रायपुर कलेक्टर की सख्ती, सभी विभाग प्रमुखों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम का पालन करने के निर्देश
राकेश कुमार की रिपोर्ट
रायपुर। आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ तय समय-सीमा में उपलब्ध कराने को लेकर रायपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। तिल्दा नगर पालिका क्षेत्र में एक हितग्राही के राशनकार्ड में नाम सुधार का कार्य निर्धारित समय-सीमा में नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तिल्दा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमिताभ शर्मा (CMO) पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला राशनकार्ड में नाम सुधार से जुड़ा है। हितग्राही द्वारा आवेदन किए जाने के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने के कारण उसे काफी समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। मामले की जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इसे लोक सेवा गारंटी के तहत निर्धारित समय-सीमा की अनदेखी माना और संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को आम नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें।
प्रदेश सरकार द्वारा जनसमस्या निवारण शिविरों के साथ-साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के माध्यम से भी आम लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि नागरिकों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके आवेदनों का समयबद्ध निराकरण हो।
कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों से संबंधित सेवाओं में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
तिल्दा CMO पर लगाया गया 100 रुपये का जुर्माना इसी सख्ती का उदाहरण है। जिला प्रशासन की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी सेवाओं में लापरवाही और अनावश्यक देरी को अब गंभीरता से लिया जाएगा।
कलेक्टर की कार्रवाई से अधिकारियों में संदेश
राशनकार्ड में नाम सुधार जैसे सामान्य कार्य में देरी पर कलेक्टर द्वारा सीधे जिम्मेदारी तय किए जाने से जिले के अन्य विभागों में भी समय-सीमा के पालन को लेकर सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने साफ किया है कि आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना अनावश्यक विलंब के दिलाना प्राथमिकता है।



