दुर्ग-धमधा रोड हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा: लूट का विरोध करने पर युवक की हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार, तीन नाबालिग अभिरक्षा में
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, वारदात में प्रयुक्त हथियार, बाइक और लूटी गई नकदी बरामद।
दुर्ग। दुर्ग-धमधा रोड पर लूटपाट के दौरान युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले का दुर्ग पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई नकदी बरामद कर जब्त कर ली गई है।
पुलिस ने बताया कि यह ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल से लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और लगातार फील्ड वर्क के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को ग्राम तुमाकला निवासी चोवाराम लोधी ने चौकी जेवरा सिरसा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने परिचित भूषण पटेल और प्रकाश सिंह कश्यप के साथ मोटरसाइकिल से शंकराचार्य अस्पताल जा रहे थे। देर रात लगभग 2 बजे जब वे दुर्ग-धमधा रोड स्थित जय गजानंद ट्रक श्रृंगार के सामने पहुंचे, तभी काले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल पर सवार चार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने पहले विवाद शुरू किया और फिर डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने प्रकाश सिंह कश्यप से मोबाइल और नगदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर एक आरोपी ने धारदार हथियार से प्रकाश सिंह कश्यप पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अन्य आरोपियों ने चोवाराम लोधी और उनके साथी के साथ भी मारपीट कर करीब 4 हजार रुपये लूट लिए और धमधा की ओर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा घायल प्रकाश सिंह कश्यप को जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी जेवरा सिरसा और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दुर्ग, भिलाई, धमधा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का घंटों तक विश्लेषण किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर एक आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में सभी ने वारदात स्वीकार कर ली।
लूट के इरादे से की गई थी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी देर रात सुनसान सड़कों पर मोटरसाइकिल सवार लोगों को रोककर पहले विवाद करते थे और फिर मारपीट कर मोबाइल व नगदी लूटने का प्रयास करते थे। विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला कर फरार हो जाते थे। इस मामले में भी लूट का विरोध करने पर आरोपियों ने प्रकाश सिंह कश्यप की हत्या कर दी।
जब्त सामग्री
- वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल
- एक धारदार हथियार
- एक पाइप
- एक डंडा
- लूटी गई नगदी राशि
मुख्य आरोपी
- आदर्श उर्फ लाल (19 वर्ष), निवासी कादम्बरी नगर, राम मंदिर के सामने, मोहन नगर, जिला दुर्ग।
- तीन विधि से संघर्षरत बालक (कानूनी प्रावधानों के अनुसार नाम गोपनीय)
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की समय पर दी गई सूचना अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

