कुम्हारी में खुलेआम शराबखोरी का विरोध करना युवक को पड़ा भारी, दबंगों ने बेरहमी से पीटा; सार्वजनिक स्थानों पर बेखौफ शराबखोरी पर अंकुश लगाने में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में


कुम्हारी। कुम्हारी क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराब पीने की बढ़ती घटनाएं अब आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ताजा मामला ग्राम खपरी का है, जहां शराब पीने का विरोध करने पर एक युवक और उसके मामा के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट कर दी गई। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराबखोरी पर पुलिस की प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खपरी वार्ड क्रमांक-2 निवासी मंथन जोशी ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि वह 24 जुलाई 2026 की रात करीब 8:30 बजे अपने मामा परमेश्वर बंजारे के साथ केडिया खदान तालाब के पास टहलते हुए बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वहां राहुल उर्फ राजा, निखिल, बंटी और उनके अन्य साथी बैठकर शराब पी रहे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने निखिल से सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से मना करते हुए घर जाने की बात कही। इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए मंथन जोशी पर हमला कर दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जमीन पर पटक दिया, जिससे उनके दाहिने हाथ की हथेली, बाईं कलाई और कमर में चोटें आईं।
बीच-बचाव करने पहुंचे उनके मामा परमेश्वर बंजारे के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की, जिससे उनके गले, कंधे, हाथ और पीठ पर चोटें आईं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी सुदीप कश्यप और वीरेन्द्र कुमार ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।
घायलों का उपचार सुपेला अस्पताल में कराया गया। देर रात होने के कारण पीड़ित उसी समय थाने नहीं पहुंच सके और अगले दिन 25 जुलाई को कुम्हारी थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम खपरी सहित कुम्हारी के कई इलाकों में तालाबों, मैदानों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर देर शाम तक खुलेआम शराब पी जाती है। कई बार शिकायतों के बावजूद ऐसे स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। विरोध करने वाले आम नागरिकों को ही मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर लिया है, लेकिन यह घटना कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से शराबखोरी पर नियंत्रण को लेकर पुलिस की सतर्कता पर भी सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए और खुलेआम शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जाए।



