जन्मदिन विशेष | जनसेवा की पहचान बने इंद्रजीत सिंह छोटू, बिना पद और राजनीति के जीता हजारों लोगों का विश्वास

स्व. बीरा सिंह के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए समाज सेवा को बनाया जीवन का मिशन, जन्मदिन पर शुभकामनाओं का लगा तांता
भिलाई। किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल उसके पद, प्रतिष्ठा या राजनीतिक प्रभाव से नहीं बनती, बल्कि उसके कर्म, व्यवहार और समाज के प्रति समर्पण से बनती है। भिलाई के युवा समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू इसका जीवंत उदाहरण हैं। बिना किसी राजनीतिक पद और सत्ता के सहारे उन्होंने वर्षों की निस्वार्थ सेवा, जनसहयोग और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया है।
20 जुलाई को उनके जन्मदिन के अवसर पर पूरे नगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें बधाइयों और शुभकामनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मोबाइल संदेशों और व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनके स्वस्थ, सफल एवं दीर्घायु जीवन की कामना कर रहे हैं।
पिता के आदर्शों को बनाया जीवन की दिशा
इंद्रजीत सिंह छोटू की सामाजिक यात्रा के मूल में उनके पूज्य पिता स्वर्गीय बीरा सिंह के आदर्श और संस्कार हैं। स्व. बीरा सिंह समाज के प्रति समर्पण, सहयोग और मानव सेवा की भावना के लिए जाने जाते थे। उन्होंने जीवनभर लोगों की सहायता और सामाजिक एकता के लिए कार्य किया।
इन्हीं मूल्यों को आत्मसात करते हुए इंद्रजीत सिंह ने सेवा को अपना धर्म और समाज को अपना परिवार माना। यही कारण है कि वे आज हर वर्ग के लोगों के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं।
बिना पद के भी जनविश्वास का मजबूत केंद्र
आमतौर पर समाज सेवा की चर्चा राजनीति और जनप्रतिनिधित्व से जुड़कर होती है, लेकिन इंद्रजीत सिंह छोटू ने यह धारणा बदलने का प्रयास किया है। वे न किसी राजनीतिक पद पर हैं और न ही किसी सत्ता के केंद्र से जुड़े हैं, फिर भी उनका कार्यालय प्रतिदिन जनसहयोग और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना रहता है।
किसी जरूरतमंद परिवार की मदद हो, शिक्षा के लिए सहयोग हो, स्वास्थ्य संबंधी सहायता हो या सामाजिक आयोजनों में सहभागिता—हर क्षेत्र में उनकी सक्रिय उपस्थिति देखने को मिलती है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय
इंद्रजीत सिंह छोटू ने समाज सेवा को केवल सहायता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे विकास और सशक्तिकरण से जोड़ा है।
वे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करने, स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, रक्तदान जागरूकता अभियानों, खेल प्रतिभाओं के सम्मान और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने जैसे कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
विशेष रूप से खेल प्रतिभाओं को मंच दिलाने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके प्रयासों की विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सराहना की जाती रही है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल
स्वर्गीय बीरा सिंह की 69वीं जयंती के अवसर पर इंद्रजीत सिंह छोटू ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए बहुउद्देशीय प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार केंद्र की शुरुआत कराई।
इस केंद्र में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, दोना-पत्तल निर्माण, झाड़ू निर्माण, रुई-बाती एवं दीया निर्माण जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
मां-बेटे की सेवा यात्रा बनी प्रेरणा
इंद्रजीत सिंह की माताजी श्रीमती कुलवंत कौर भी सामाजिक कार्यों में बराबर की भागीदारी निभाती हैं। जरूरतमंद परिवारों की सहायता, महिला कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका इस सेवा यात्रा को और मजबूत बनाती है।
भिलाई में आज यह परिवार सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक मिसाल के रूप में देखा जाता है।
जन्मदिन पर सोशल मीडिया में छाए इंद्रजीत सिंह छोटू
20 जुलाई को जन्मदिन के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इंद्रजीत सिंह छोटू को शुभकामनाएं देने वालों की बड़ी संख्या दिखाई दे रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, खेल संस्थाओं, युवा समूहों, व्यापारिक संगठनों, शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और आम नागरिकों द्वारा लगातार शुभकामना संदेश साझा किए जा रहे हैं।
फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल माध्यमों पर उनके समर्थक और शुभचिंतक उनकी सामाजिक सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। कई लोगों ने उन्हें “जनसेवा का पर्याय”, “युवाओं की प्रेरणा” और “समाज का सच्चा सहयोगी” बताते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
कर्म ही पहचान, सेवा ही सम्मान
इंद्रजीत सिंह छोटू का मानना है कि समाज में स्थायी पहचान पद से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्यों से बनती है। यही विचार उन्हें निरंतर समाज के बीच सक्रिय रहने की प्रेरणा देता है।
आज वे उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो बिना राजनीति और पद की अपेक्षा के समाज के लिए कुछ सार्थक करना चाहते हैं।
जन्मदिन पर विशेष
20 जुलाई का दिन केवल इंद्रजीत सिंह छोटू का जन्मदिन नहीं, बल्कि उस सेवा भावना का उत्सव भी है जिसे उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया है। स्वर्गीय बीरा सिंह द्वारा बोए गए सेवा, सहयोग और मानवता के बीज आज इंद्रजीत सिंह छोटू के प्रयासों से एक विशाल सामाजिक अभियान का रूप लेते दिखाई दे रहे हैं।
उनकी अब तक की यात्रा यह संदेश देती है कि “सबसे बड़ा पद इंसानियत है, सबसे बड़ी राजनीति मानवता है और सबसे बड़ा सम्मान लोगों का विश्वास एवं आशीर्वाद है।”
अलर्ट छत्तीसगढ़ एवं ३६गढ़ की आवाज परिवार की ओर से समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं उज्ज्वल, स्वस्थ, सफल और जनसेवा से परिपूर्ण जीवन की मंगलकामनाएं।

