शहर की सफाई, पेयजल और पर्यावरणीय कार्यों पर निगम आयुक्त की सख्ती, विभिन्न जोनों का औचक निरीक्षण

 शहर की सफाई, पेयजल और पर्यावरणीय कार्यों पर निगम आयुक्त की सख्ती, विभिन्न जोनों का औचक निरीक्षण

साफ-सफाई व्यवस्था, उद्यानों के रखरखाव और बायोरेमेडिएशन कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पेयजल गुणवत्ता, उद्यानों के रखरखाव तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आयुक्त ने सबसे पहले जोन-05 के सेक्टर-06 स्थित श्रीराम चौक पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र में नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।इसके बाद उन्होंने वार्ड क्रमांक-69 हुडको स्थित शहीद स्मारक गार्डन का निरीक्षण किया। उद्यान की साफ-सफाई, हरियाली और रखरखाव की स्थिति का अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शहर के उद्यान नागरिकों के स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं, इसलिए इनके रखरखाव में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वार्ड क्रमांक-67 में पेयजल गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित जल परीक्षण कराने तथा जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात जोन-03 अंतर्गत वार्ड क्रमांक-36 स्थित टाटा लाइन गार्डन का निरीक्षण किया गया। यहां उद्यान की साफ-सफाई एवं रखरखाव की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। वहीं वार्ड क्रमांक-28 में पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण के अंतिम चरण में आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह जामुल स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचीं, जहां उन्होंने बायोरेमेडिएशन कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य में अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रिया, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अजय गौर, कुलदीप गुप्ता एवं अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह और अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, नितेश मेश्राम एवं श्वेता वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम एवं बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अतुल यादव, बीरेन्द्र बंजारे सहित निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

आयुक्त का संदेश स्पष्ट— सुविधाओं में लापरवाही नहीं चलेगी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में स्वच्छता, पेयजल, उद्यानों के रखरखाव और पर्यावरणीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी कार्य गुणवत्ता एवं समय-सीमा के साथ पूर्ण किए जाएं।