गनियारी के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल को मिलेगा पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का नाम, एमआईसी ने सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव

 गनियारी के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल को मिलेगा पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का नाम, एमआईसी ने सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव

भिलाई-चरौदा निगम ने महान लोक कलाकार को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, गनियारी में बन रहे ऑडिटोरियम का नाम भी होगा डॉ. तीजन बाई के नाम पर

भिलाई-चरौदा। छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। निगम की महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में वार्ड क्रमांक 40 गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर राज्य शासन को भेजने की अनुशंसा की गई।

गुरुवार 9 जुलाई 2026 को निगम मुख्यालय स्थित महापौर कक्ष में आयोजित एमआईसी की बैठक महापौर निर्मल कोसरे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत से यह प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने वाली महान कलाकार को यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

गनियारी से जुड़ी हैं तीजन बाई की अमिट स्मृतियां

महापौर निर्मल कोसरे ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर थीं। उन्होंने पंडवानी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई। गनियारी गांव से उनका विशेष जुड़ाव रहा है और उन्होंने अपने जीवन का लंबा समय यहीं व्यतीत किया।

महापौर ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व और सम्मान का विषय है कि भिलाई-चरौदा नगर निगम क्षेत्र की धरती ने डॉ. तीजन बाई जैसी महान विभूति को अपने सान्निध्य में रखा। गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम उनके नाम पर रखे जाने से आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष, कला साधना और उपलब्धियों से प्रेरणा लेंगी।”

उन्होंने आगे बताया कि निगम द्वारा गनियारी में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक एवं भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जा रहा है। इस ऑडिटोरियम का नाम भी स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के नाम पर रखा जाएगा, जिससे यह क्षेत्र सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके।

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, समर्पण और कला साधना का अद्भुत उदाहरण है। उनके नाम पर शैक्षणिक संस्थान और सांस्कृतिक अधोसंरचना विकसित होने से विद्यार्थियों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

आयुक्त श्री राजपूत ने कहा, “नगर निगम का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विकास करना नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत को भी संरक्षित करना है। डॉ. तीजन बाई के नाम पर विद्यालय और ऑडिटोरियम स्थापित होना पूरे भिलाई-चरौदा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।”

बैठक में रहे मौजूद

बैठक में एमआईसी सदस्य मोहन साहू, मनोज कुमार, देवकुमारी भल्लावी, दीप्ती आशीष वर्मा, संतोषी निषाद, एम. जानी, एस. वेंकट रमना, ईश्वर साहू सहित निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत, कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, निगम सचिव लिंगेश्वर राव, स्थापना प्रभारी राजू वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमआईसी द्वारा पारित प्रस्ताव अब राज्य शासन को भेजा जाएगा। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद गनियारी का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आधिकारिक रूप से पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के नाम से जाना जाएगा।