कुम्हारी रेलवे स्टेशन में ‘तत्काल टिकट’ का खेल बेनकाब! सेना के हवलदार ने खोली एजेंट-रेलवे कर्मियों की कथित सांठगांठ की पोल टिकट क्लर्क और आरपीएफ जवान पर लगे गंभीर आरोप • विरोध करते ही भागा एजेंट
BREAKING NEWS • सैनिक बोला – “आम यात्रियों का हक छीना जा रहा”
कुम्हारी। कुम्हारी रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात ब्रिजेश चौहान ने रेलवे स्टेशन में एजेंटों की सक्रियता और रेलवे कर्मचारियों की कथित मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि स्टेशन पर आम यात्रियों से पहले एजेंटों की “सेटिंग” चल रही थी और पूरे सिस्टम को प्रभावित किया जा रहा था।
हवलदार ब्रिजेश चौहान ने बताया कि वे 44 दिन की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे और 15 मई 2026 की यात्रा के लिए 14 मई की सुबह लगभग 8 बजे कुम्हारी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पहुंचते ही उन्होंने देखा कि एक एजेंट पहले से कतार लगवाकर टिकट प्रक्रिया को नियंत्रित कर रहा था।
चौहान का आरोप है कि इस पूरे मामले में रेलवे टिकट क्लर्क और आरपीएफ के एक जवान की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई। उनका कहना है कि आम यात्रियों को पीछे खड़ा रखा गया, जबकि एजेंट से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी।
इस घटना ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर स्टेशन परिसर में एजेंटों की एंट्री कैसे हो रही है? किसके संरक्षण में कतारें लगाई जा रही हैं? और क्यों आम यात्रियों को उनका अधिकार पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है?
यात्रियों का कहना है कि तत्काल टिकट व्यवस्था अब जरूरतमंद लोगों की बजाय दलालों के कब्जे में जाती दिख रही है। यदि आरोप सही हैं तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों के साथ खुला खिलवाड़ है।
सैनिक ने मांगी निष्पक्ष जांच
हवलदार ब्रिजेश चौहान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सेना के जवानों और आम नागरिकों को भी टिकट के लिए इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो रेलवे व्यवस्था पर जनता का भरोसा टूट जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रेलवे प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी बाकी शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?



