“पानी पर कब्जा, राजनीति का धंधा?” — ‘सुपर विधायक’ पर तंज, भाजपा पर पानी बेचने का सनसनीखेज आरोप

भिलाई-चरौदा/ भीषण गर्मी के बीच शहर में गहराता जल संकट अब सीधे सियासी टकराव में बदल गया है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रही जनता के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वार्ड 26 के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य मोहन साहू ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को राजनीतिक संरक्षण से जोड़ दिया है।

 जलस्तर गिरा, शहर प्यासा — टैंकरों पर टिकी जिंदगी

नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के कई वार्डों में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है। हैंडपंप सूख रहे हैं, मोटर जवाब दे रहे हैं और नालों में पानी का नामोनिशान नहीं है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई इलाकों में अब पानी टैंकरों के भरोसे पहुंचाया जा रहा है।

 “भाजपा के लोग पानी बेच रहे हैं” — पार्षद का सीधा हमला

मोहन साहू ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि “भाजपा से जुड़े कुछ लोग पानी को व्यवसाय बना चुके हैं”। उनका कहना है कि इंदिरा नगर जैसे क्षेत्र, जहां कभी पानी की समस्या नहीं थी, वहां आज हालात बदतर हो चुके हैं।

 फिल्टर प्लांट पर उठे सवाल, सूख गया पुराना कुआं

पार्षद के मुताबिक, कुछ भाजपा पदाधिकारी खुद को प्रभावशाली बताकर फिल्टर प्लांट चला रहे हैं, जिससे आसपास के जलस्रोतों पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि “वह कुआं जो वर्षों में नहीं सूखा, अब पूरी तरह खाली हो गया”।

 नहर बंद, अफसर बेखबर — जनप्रतिनिधियों ने खुद संभाली कमान

चरोदा क्षेत्र में सिंचाई विभाग की नहर बंद रहने से स्थिति और बिगड़ गई। पार्षद ने बताया कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, जनप्रतिनिधियों को खुद मैदान में उतरकर नहर खुलवाने की पहल करनी पड़ी।

 “कौन है असली विधायक?” — ‘सुपर विधायक’ पर सीधा तंज

मोहन साहू ने बिना नाम लिए तीखा हमला करते हुए कहा कि “कुछ लोग खुद को ‘सुपर विधायक’ समझते हैं और उनके एक फोन पर प्रशासन झुक जाता है”। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ही दबाव के चलते फिल्टर प्लांट को चालू रखा जा रहा है।

 “जनता ने सेवा के लिए चुना, सौदा करने के लिए नहीं”

पार्षद ने साफ कहा कि जनता ने उन्हें बुनियादी सुविधाएं देने के लिए चुना है, न कि पानी बेचने के लिए। उन्होंने भरोसा जताया कि नहर खुलने से जलस्तर में सुधार होगा और जनता को जल्द राहत मिलेगी।