ब्लैकमेलिंग में पकड़ा गया आरोपी, कैमरा देखते ही ‘बेहोश’! एसबीएस हॉस्पिटल केस में खुली नौटंकी की परतें
दुर्ग: पावर हाउस क्षेत्र के एसबीएस अस्पताल से जुड़े ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। मुख्य आरोपी गुरुमीत सिंह वाधवा ने मेडिकल जांच के दौरान ऐसा नाटक किया कि मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
कैमरा ऑन… और शुरू हो गया ‘ड्रामा’
पुलिस के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से पहले पूरी तरह सामान्य था। वह खुद ही पुलिस वाहन में बैठकर थाने पहुंचा। लेकिन जैसे ही अस्पताल परिसर में मीडिया की मौजूदगी का उसे एहसास हुआ, उसने अचानक कमजोरी और बेहोशी का अभिनय करना शुरू कर दिया।
आरोपी व्हीलचेयर पर बैठ गया और खुद को बेहद असहाय दिखाने की कोशिश करने लगा। यह पूरा दृश्य कैमरों में कैद हो गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट ने खोली पोल
मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने आरोपी के ‘ड्रामे’ की सच्चाई उजागर कर दी। मेडिकल ऑफिसर संजय जांगड़े के अनुसार आरोपी का बीपी, शुगर और अन्य सभी स्वास्थ्य पैरामीटर पूरी तरह सामान्य पाए गए।
डॉक्टरों ने साफ कहा कि जांच से पहले आरोपी सामान्य बातचीत कर रहा था और किसी तरह की गंभीर बीमारी या कमजोरी के संकेत नहीं मिले।
5 लाख की उगाही और धमकी का खेल
मामला अस्पताल प्रबंधन से 5 लाख रुपये की उगाही और धमकी से जुड़ा है। अस्पताल मैनेजर निर्मल सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार आरोपी पहले कैंसर इलाज के दौरान अस्पताल से मुफ्त इंजेक्शन लेता था और बाद में उसी को आधार बनाकर दबाव बनाते हुए पैसे की मांग करने लगा।
फर्जी रसूख का सहारा
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कई नेताओं के साथ तस्वीरें और कथित फर्जी लेटर बरामद हुए हैं। इनका उपयोग वह लोगों को डराने और खुद को प्रभावशाली साबित करने के लिए करता था।
अब कोर्ट में होगी पेशी
पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी में है। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा सकता है।
शहर में चर्चा का केंद्र बना मामला
एक तरफ गंभीर ब्लैकमेलिंग के आरोप और दूसरी तरफ अस्पताल में किया गया ‘फुल ड्रामा’—इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में हलचल मचा दी है। आम लोगों के बीच यह मामला अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।



