भिलाई में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा: म्यूल अकाउंट मामले में सात आरोपी गिरफ्तार
भिलाई/ साइबर अपराध पर नकेल कसते हुए सुपेला थाना पुलिस और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट के माध्यम से एक करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम देने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि 27 लोगों ने बंधन बैंक, सुपेला शाखा में खाते खोलकर उन्हें साइबर जालसाजों को उपयोग हेतु उपलब्ध कराया था। अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अन्य की तलाश जारी है।
‘समन्वय’ पोर्टल से मिली बड़ी जानकारी
गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट में यह उजागर हुआ कि नेहरू नगर स्थित बंधन बैंक की 27 खातों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त ₹1,20,57,549 की अवैध ट्रांजैक्शन हुई है।
मामला गंभीरता से लेते हुए सुपेला पुलिस ने बीएनएस की धारा 317(2), 318(4), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
जांच में सामने आया म्यूल अकाउंट का खेल
विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई खाता धारकों ने अपने बैंक खाते साइबर ठगी से मिली राशि को घुमाने और छुपाने के लिए उपलब्ध कराए थे। इन्हीं खातों के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी पर अपने खाते साइबर फ्रॉड में उपयोग करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं—
- रनजीत महानंद (24) – रावणभांठा, सुपेला
- परमीला बाई (48) – शिवाजी नगर, खुर्सीपार
- के. आकाश (20) – सेक्टर-02, भिलाई
- विपिन कुमार सिरसाम (35) – रिसाली सेक्टर, भिलाई
- मानवी बेरी (49) – सेक्टर-4, भिलाई
- आशीष गुप्ता (42) – दीनदयाल कॉलोनी, खम्हरिया
- पिंकी कुर्रे (36) – आदित्य नगर, दुर्ग
बाकी आरोपी भी जल्द आएंगे पुलिस की पकड़ में
जांच अधिकारी अन्य खाता धारकों की पहचान कर उनकी खोजबीन में जुटे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
नागरिकों के लिए पुलिस की महत्वपूर्ण अपील
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि—
- किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता उपयोग करने के लिए न दें।
- लालच में आकर खाते में अज्ञात या संदिग्ध रकम का लेन-देन न करें।
- ऐसा करना कानूनी अपराध है और सीधे साइबर ठगी के मामलों में शामिल कर देता है।



