एस.आर. हॉस्पिटल एण्ड पैरामेडिकल कॉलेज चिखली दुर्ग में सर्टिफिकेट वितरण समारोह संपन्न, चेयरमेन संजय तिवारी ने विद्यार्थियों को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
दुर्ग/ एस.आर. हॉस्पिटल एण्ड पैरामेडिकल कॉलेज, चिखली दुर्ग में शनिवार को टेक्नीशियन कोर्स के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। कॉलेज के चेयरमेन संजय तिवारी ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं कीं।
एक वर्षीय पैरामेडिकल टेक्नीशियन कोर्स
यह पैरामेडिकल टेक्नीशियन कोर्स एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स है, जिसे छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त है। परीक्षा में सफल होने के बाद विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन काउंसिल में किया जाता है। रजिस्ट्रेशन पश्चात वे सरकारी एवं निजी संस्थानों में रोजगार हेतु आवेदन करने के पात्र हो जाते हैं।
विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
प्रमाण पत्र वितरण के बाद विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एस.आर. हॉस्पिटल एण्ड पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्हें एक फ्रेंडली और पारिवारिक माहौल मिला।
विद्यार्थियों ने कहा कि इस कोर्स ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और अब वे विभिन्न सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए तैयार हैं।
“एक वर्ष कब बीत गया, पता ही नहीं चला। कॉलेज का वातावरण परिवार जैसा रहा। हम अपने सभी शिक्षकों और स्टाफ का दिल से धन्यवाद करते हैं,” — विद्यार्थियों ने कहा।
परिवार जैसा माहौल, सफलता की प्रेरणा
विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज में मिले सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और मित्रों को भी इस संस्थान से कोर्स करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
संस्थान परिवार ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर कॉलेज के डायरेक्टर अजय तिवारी, प्रिंसिपल विजय गवान्डे, अरविन्द खैरवार, संजय गुप्ता, विनिता, नेहा ठाकुर, सीमा शर्मा, रेश्मा साहू, प्रशांत देवांगन, यमुना पटेल, जाकीर हुसैन, प्रियेश मिश्रा, रूपा चेलक सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
संस्थान बना युवाओं का पसंदीदा केंद्र
एस.आर. हॉस्पिटल एण्ड पैरामेडिकल कॉलेज, चिखली आज क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा और करियर निर्माण का केंद्र बन चुका है। कॉलेज का उद्देश्य युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।



