75 की उम्र में फिर सजी सेहरा — बिलासपुर में दादूराम ने 45 साल की आरती संग रचाई शादी, बहू और नाती-पोते बने गवाह

मंदिर में हुई शादी, जो पहली पत्नी की याद में बनवाया था

बिलासपुर/ शहर के चिंगराजपारा इलाके में एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान खींच लिया। 75 वर्षीय दादूराम गंधर्व ने 45 वर्षीय आरती त्रिवेदी के साथ सात फेरे लेकर नया जीवन शुरू किया। खास बात यह रही कि दादूराम ने शादी उसी मंदिर में की, जिसे उन्होंने अपनी पहली पत्नी की स्मृति में बनवाया था।

प्रेम कहानी से बना वैवाहिक बंधन

करीब दो साल पहले मंदिर में हुई मुलाकात ने धीरे-धीरे एक खूबसूरत रिश्ते का रूप ले लिया। दादूराम और आरती के बीच बातचीत बढ़ी और फिर दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। गुरुवार को लाल जोड़े में सजी आरती और सेहरा बांधे दादूराम जब फेरे ले रहे थे, तो मोहल्ले वाले भी तालियां बजाकर इस जोड़े को आशीर्वाद दे रहे थे।

30 साल छोटी जीवनसंगिनी — दादूराम बोले, “अब अकेलापन खत्म”

दादूराम ने बताया कि पहली पत्नी के निधन के बाद वह अकेले रह गए थे और मजदूरी कर जीवन चला रहे थे। इसी दौरान आरती से मुलाकात हुई और धीरे-धीरे दोनों करीब आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अब घर में फिर से रौनक लौट आई है।”

आरती बोलीं — “प्यार की कोई उम्र नहीं होती”

आरती त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से यह शादी की है। उम्र उनके लिए मायने नहीं रखती। “दिल जवान है तो मोहब्बत की कोई सीमा नहीं होती,” उन्होंने मुस्कराकर कहा।

परिवार ने भी दिया साथ

इस शादी को खास बनाने में परिवार ने भी अहम भूमिका निभाई। दादूराम के बेटे, बहू, नातिन और पोते सभी शादी में मौजूद थे। परिवार ने खुशी-खुशी दोनों को नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘दादू-आरती लव स्टोरी’

जैसे ही शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर आया, लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कोई इस जोड़ी को “राधे श्याम 2.0” कह रहा है, तो कोई इसे सच्चे प्यार की मिसाल बता रहा है।