दुर्ग जिले के एक थानेदार का नया नियम: “गलत जगह पार्किंग करोगे तो चोरी भी तुम्हारी जिम्मेदारी”
दुर्ग/ जिले में अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस प्रशासन अपने “नियमों” से जनता को और परेशान कर रहा है। थाना प्रभारी महोदय ने साफ शब्दों में कह दिया है कि नो पार्किंग या सड़क किनारे खड़े वाहनों से हुई चोरी की रिपोर्ट थाने में दर्ज ही नहीं होगी।
चोरों को खुला निमंत्रण
ऐसा लगता है कि यह जानकारी अब चोरों तक भी पहुँच गई है। उन्हें पता है कि सड़क किनारे खड़े ट्रक-ट्रेलर या गाड़ियों से चाहे जितना सामान, बैटरी या डीजल चोरी करो – एफआईआर दर्ज नहीं होगी। पुलिस का यह रवैया चोरों के लिए “मुफ़्त का लाइसेंस” साबित हो रहा है।
ताजा मामला: ट्रेलर से 5 बैटरी गायब
कुछ दिन पहले एक ट्रेलर से 5 ट्रैक्टर की बैटरियाँ चोरी हो गईं। जब ट्रेलर मालिक रिपोर्ट दर्ज कराने थाना पहुँचा तो थाना प्रभारी ने बिना देर किए कह दिया –
“गलत जगह ट्रेलर खड़ा करोगे तो रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी।”
यानी पीड़ित को न्याय मांगने का हक़ भी नहीं मिला।
सड़क किनारे खड़े रहते हैं सैकड़ों ट्रेलर
जहाँ यह घटना हुई वहाँ सड़क किनारे रोजाना सैकड़ों ट्रेलर खड़े रहते हैं। अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो यहाँ खड़े वाहनों से चोरी होना आम बात हो जाएगी। चोरों को रोकने वाला कोई नहीं होगा और वाहन मालिक केवल नुकसान झेलते रह जाएंगे।
कानून किसके लिए है?
कानून तो कहता है कि हर नागरिक को रिपोर्ट दर्ज कराने का अधिकार है, चाहे चोरी घर से हुई हो या सड़क किनारे से। लेकिन दुर्ग जिले के एक थानेदार का यह नया “फरमान” लोगों में गुस्सा और निराशा दोनों फैला रहा है। सवाल उठता है कि क्या पुलिस का काम अपराध रोकना है या चोरी की रिपोर्ट से बचना?
व्यंग्य में सच्चाई
थाना प्रभारी महोदय का नया नारा शायद यही है –
👉 “चोरों की सेवा में तत्पर दुर्ग पुलिस।”
👉 “चोरी हुई? ग़लती आपकी, चोर तो बेचारा रोज़ी-रोटी पर है।”



