दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता: चिट्टा तस्कर गैंग धराया, 31.25 लाख का माल जब्त

दुर्ग/ दुर्ग पुलिस को “ऑपरेशन विश्वास” के तहत नशे के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। थाना मोहन नगर व एसीसीयू की संयुक्त टीम ने 6 शातिर चिट्टा तस्करों को दबोचते हुए 246 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए है, बरामद की है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त कार (कीमत 5 लाख) व नगद 1.25 लाख रुपए भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर करीब 31.25 लाख रुपए का माल पुलिस ने जप्त किया।

ऐसे दबोचे गए तस्कर

मोहन नगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कार क्रमांक CG 07 CS 7776 में सवार कुछ लोग चिट्टा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में धमधा रोड सब्जी मंडी के पास घूम रहे हैं।
सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका। कार में बैठे आरोपियों की तलाशी लेने पर लाल रंग के बैग से 246 ग्राम चिट्टा मिला।पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ख), 27क के तहत अपराध दर्ज किया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. उज्जवल सिंह उर्फ गोलू (32 वर्ष), निवासी जामुल
  2. मोन्टी अरोरा (32 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई
  3. रजत पाण्डेय (27 वर्ष), निवासी सुपेला
  4. राहूल सिंह (32 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई
  5. लोकेश कुमार ओगरे (26 वर्ष), निवासी भिलाई-03
  6. जगतार सिंह (36 वर्ष), निवासी खुर्सीपार

ऑपरेशन विश्वास: नशे के खिलाफ मुहिम

दुर्ग पुलिस लगातार नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए “ऑपरेशन विश्वास” अभियान चला रही है। इस अभियान का मकसद मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री को जड़ से खत्म करना है।

चिट्टा क्यों है खतरनाक?

चिट्टा (हेरोइन) एक अत्यधिक नशेड़ी मादक पदार्थ है। इसकी लत लगने से शरीर और दिमाग पर गंभीर असर पड़ता है। नशे की लत के कारण कई युवा अपराध की राह पर भी चल पड़ते हैं। इसी वजह से इसे एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से चारपहिया वाहन, नकदी 1.25 लाख रुपए व चिट्टा जब्त कर तस्करों के सप्लाई चैन को ध्वस्त कर दिया है।
इस कार्रवाई में थाना मोहन नगर व एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।