ट्रिपल मर्डर केस: लापरवाही पर गिरी गाज, चौकी प्रभारी और एएसआई निलंबित, 12 पुलिस अधिकारियों का तबादला

राजनांदगांव/ नवागांव में हुए तीन हत्याओं के मामले ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। पुलिस की लापरवाही सामने आने पर एसपी मोहित गर्ग ने सख्त कदम उठाते हुए दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही जिले के 12 अधिकारियों का तबादला भी कर दिया गया है।

लापरवाही से हुई त्रिहत्याकांड की वारदात

घटना 7 सितंबर की है, जब चौकी चिखली प्रभारी अरुण नामदेव और सहायक उप निरीक्षक इब्राहिम खान प्रकरण संख्या 483/2025 की विवेचना के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि अजय राजपूत और उसके साथी चाकू, तलवार और डंडे लेकर घूम रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि पृथ्वी भट्ट और उसके साथी पहले मारपीट और गाली-गलौच कर चुके हैं तथा मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर चुके हैं।

समय पर कार्रवाई न करना पड़ा भारी

पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन लापरवाही बरती गई। इसी का नतीजा हुआ कि शाम करीब 8 बजे आरोपियों ने प्रार्थी के घर धावा बोला और अनिल राजपूत, राकेश ढीमर और संदीप मानिकपुरी पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद नवागांव में तनाव और दहशत का माहौल बन गया।

एसपी ने दिखाई सख्ती

वारदात के बाद एसपी मोहित गर्ग ने चौकी प्रभारी अरुण नामदेव और एएसआई इब्राहिम खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि दोनों ने अपने पदीय कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही की, जिसके कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ी। निलंबन अवधि में दोनों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

12 अधिकारियों का तबादलानिलंबन के साथ ही एसपी ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल भी किया। जिले के 6 टीआई और 6 एसआई का स्थानांतरण कर उन्हें नए थानों और चौकियों की जिम्मेदारी दी गई है। इस कदम को जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

गांव में मातम, परिवारों में आक्रोश

त्रिहत्याकांड के बाद नवागांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के घरों में कोहराम मचा है और परिवारजन रो-रोकर बेसुध हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती तो तीन निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी। गांव के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।