इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले भाजपा नेता की मदद को आगे आए भूपेश बघेल, रायपुर बुलाकर इलाज कराने का दिया आश्वासन



- पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने आर्थिक तंगी और बीमारी से मजबूर होकर सीएम से मांगी थी इच्छा मृत्यु।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन पर बात कर इलाज का आश्वासन दिया।
- कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
- हादसे के बाद अब तक इलाज पर 30–35 लाख रुपए खर्च, घर बिक चुका और परिवार कर्ज में डूबा।
- विशंभर यादव का परिवार शुरू से ही भाजपा और आरएसएस से जुड़ा रहा है।
इच्छा मृत्यु की मांग से मामला चर्चा में
बीजेपी के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने आर्थिक और शारीरिक मजबूरी में मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की थी। इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने संज्ञान लेते हुए सूरजपुर कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के फोन से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से बात की। उन्होंने उन्हें रायपुर बुलाकर इलाज कराने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर कसा तंज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दो साल पहले पीएम मोदी की सभा में कार्यकर्ताओं को ले जाते समय हुए बस हादसे में विशंभर यादव विकलांग हो गए। इलाज में उनका घर बिक गया और वे कर्ज में डूब गए। कई नेताओं और मंत्रियों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह से अपने समर्पित कार्यकर्ता की उपेक्षा कर रही है, वह उनके असली चरित्र को उजागर करता है।
हादसे ने बदल दी जिंदगी
विशंभर यादव और उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता आरएसएस से जुड़े थे, जबकि वे और उनकी पत्नी सक्रिय सदस्य रहे। दो साल पहले रायपुर में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को ले जाने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। लेकिन रास्ते में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और वे गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से विकलांग हो गए।
पहले मिला सहारा, फिर आई खामोशी
हादसे के बाद पीएम मोदी ने मंच से सहानुभूति जताई थी और भाजपा के बड़े नेता अस्पताल पहुंचे थे। यहां तक कि संगठन ने अपोलो से एम्स दिल्ली तक एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की थी। लेकिन उसके बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। भाजपा की सरकार बनने के बाद भी उनकी हालत जस की तस बनी रही।
परिवार आर्थिक संकट में डूबा
विशंभर यादव ने बताया कि इलाज में अब तक 30–35 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। घर बिक चुका, कर्ज चढ़ चुका और अब परिवार इलाज कराने की स्थिति में नहीं है। मजबूरी में उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की।
उनकी पत्नी ने कहा कि भाजपा के लिए उनका परिवार हमेशा समर्पित रहा, लेकिन अब पार्टी से कोई देखने तक नहीं आया। उन्होंने संगठन से अपील की है कि उनके पति का इलाज अच्छे से करा दिया जाए, ताकि परिवार इस कठिनाई से बाहर निकल सके।





