शिक्षक राष्ट्र के निर्माता, उनका सम्मान करना गौरव की बात : भूपेश बघेल

 शिक्षक राष्ट्र के निर्माता, उनका सम्मान करना गौरव की बात : भूपेश बघेल

स्वामी आत्मानंद स्कूल जनता भिलाई-3 में शिक्षक सम्मान समारोह, 26 स्कूलों के 365 शिक्षक हुए सम्मानित

भिलाई-3। स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जनता भिलाई-3 में नगर निगम भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे के नेतृत्व में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे। इस दौरान नगर निगम क्षेत्र के 26 स्कूलों में कार्यरत 365 शिक्षकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं और उनका सम्मान करना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि जिस स्कूल में उन्होंने बस्ता लेकर पढ़ाई की शुरुआत की थी, उसी विद्यालय में आज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होना उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है।

बघेल ने शिक्षा के व्यावसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि इसे रोकना बेहद जरूरी है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले, लेकिन अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए अनेक परिवारों को महंगे निजी स्कूलों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत की गई, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे भी बेहतर और निशुल्क अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणामों में शासकीय एवं स्वामी आत्मानंद स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियां शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को दर्शाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शासकीय स्कूलों के बच्चों का चयन होना शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है।

शिक्षक दिवस के संदर्भ में बघेल ने कहा कि भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में विधायक बनने के बाद से उन्होंने शिक्षक सम्मान की परंपरा शुरू की थी, जो आज भी जारी है। उन्होंने नगर निगम भिलाई-चरोदा क्षेत्र के शिक्षकों के सम्मान का अवसर उपलब्ध कराने के लिए महापौर निर्मल कोसरे और उनकी पूरी टीम को बधाई एवं धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा करने का अवसर मिला और उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर कार्य करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों के शिक्षकों की मेहनत का ही परिणाम है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में यहां के विद्यार्थी लगातार चयनित हो रहे हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सभापति कृष्णा चंद्राकर, समाजसेवी सुजीत बघेल एवं शाला विकास समिति की अध्यक्ष धनेश्वरी साहू ने भी संबोधित किया।

समारोह में नगर निगम क्षेत्र के 26 स्कूलों के 365 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन महापौर निर्मल कोसरे ने किया।

इस अवसर पर पप्पू चंद्राकर, मोहन साहू, मनोज मढ़रिया, टेनेन्द्र ठाकरे, संतोष तिवारी, धर्मेंद्र कोसरे, नरेन्द्र वर्मा, पुष्कर चंद्राकर, शरद यादव, ईश्वर साहू, नीलाम्बुज साहू, प्रकाश दुर्गा, हेमंत वर्मा, राकेश वर्मा, राजू लहरे, संदीप सिंह, युवराज कश्यप, आशीष वंजारी, हरमीक सिंह, मोनू माखिजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।