ईद की रैलियों से कार्यस्थलों तक दुर्ग पुलिस का साइबर सुरक्षा अभियान, महिलाओं सहित आमजन को डिजिटल ठगी से बचने की दी जानकारी

 ईद की रैलियों से कार्यस्थलों तक दुर्ग पुलिस का साइबर सुरक्षा अभियान, महिलाओं सहित आमजन को डिजिटल ठगी से बचने की दी जानकारी

दुर्ग। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान को केवल थाना परिसरों तक सीमित न रखते हुए ईद की रैलियों, बाजारों, पार्कों, सार्वजनिक स्थानों, पिंक पेट्रोलिंग और कार्यस्थलों तक पहुंचाया गया। पुलिस टीमों ने नागरिकों से सीधे संवाद कर साइबर ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव के उपाय बताए।

ईद की रैलियों में पहुंची पुलिस, लोगों को किया जागरूक

26 अगस्त 2026 को ईद के अवसर पर मुस्लिम समाज द्वारा निकाली गई रैलियों में पुलिस टीमों ने सहभागिता करते हुए मौजूद नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी। लोगों को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या सोशल मीडिया संपर्क पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतें।इसी क्रम में सुबह और शाम पार्कों में आने वाले नागरिकों तथा विभिन्न बाजार क्षेत्रों में लोगों को भी साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया। पुलिस ने फर्जी बैंक कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP मांगने वाले फोन और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के तरीकों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

पिंक पेट्रोलिंग टीमों ने महिलाओं को बताए डिजिटल सुरक्षा के तरीके

पिंक पेट्रोलिंग टीमों द्वारा महिलाओं एवं आम नागरिकों को सोशल मीडिया सुरक्षा, फर्जी प्रोफाइल, Cyber Harassment और ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी गई। महिलाओं को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने, अकाउंट की Privacy Settings मजबूत रखने तथा किसी भी प्रकार के ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया।पुलिस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल दौर में महिला सुरक्षा केवल सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि Digital Safety और Cyber Awareness भी महिला सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

थाना परिसरों में भी चलाया गया जागरूकता अभियान

दुर्ग जिले के विभिन्न थाना परिसरों में शिकायत अथवा अन्य कार्य से आने वाले नागरिकों को भी साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, अनजान मोबाइल एप, QR कोड और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी से सतर्क रहने की समझाइश दी।

POSH Awareness Seminar में महिला सुरक्षा के साथ साइबर सुरक्षा पर जोर

इसी व्यापक अभियान के तहत 26 अगस्त को Chauhan Maruti Arena, दुर्ग बायपास रोड, भिलाई में AMR बाल एवं महिला विकास समिति द्वारा Chauhan Maruti Arena एवं Chauhan Nexa Management के सहयोग से POSH Policy & Safe Workplace Awareness Seminar आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के साथ-साथ POSH Act, मानवाधिकार, पुलिस सहायता तथा सुरक्षित एवं सकारात्मक कार्यस्थल के संबंध में जागरूकता प्रदान करना था। कार्यक्रम में Chauhan Automobiles एवं Chauhan Nexa में कार्यरत महिला कर्मचारियों सहित working women तथा Women Raksha Team की सहभागिता रही।

कार्यक्रम का आयोजन पंकज कुमार मिश्रा एवं श्रीमती सरिता मिश्रा, अध्यक्ष, AMR बाल एवं महिला विकास समिति के मार्गदर्शन में किया गया।

साइबर अपराध और Digital Privacy पर विशेष सत्र

कार्यक्रम में Inspector Dr. Sankalp Rai, Nodal Cyber Officer द्वारा साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जागरूकता सत्र लिया गया। उन्होंने महिला कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने, फर्जी कॉल एवं संदिग्ध लिंक से बचने तथा OTP, PIN, Password, CVV और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी।उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट की Privacy एवं Digital Security मजबूत रखने के साथ ही Cyber Harassment, Fake Profile और Online Fraud की स्थिति में समय पर शिकायत करने की आवश्यकता बताई।

महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

कार्यक्रम में DSP Bharti Markam ने महिला सुरक्षा, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी।

Adv. Rekha Singh ने POSH Act, महिलाओं के कानूनी अधिकार, शिकायत एवं निवारण प्रक्रिया तथा कार्यस्थल पर महिलाओं को मिलने वाले कानूनी संरक्षण की जानकारी दी।

Saraswati Dhaneshwar ने मानवाधिकार एवं कार्यस्थल पर सम्मान और गरिमा के विषय में जानकारी साझा की, जबकि RPF Inspector Taruna Sahu ने working women के दृष्टिकोण से सुरक्षा, आत्मविश्वास एवं सशक्तिकरण पर विचार रखे।कार्यक्रम में महिला कर्मचारियों ने प्रश्नोत्तर एवं संवाद में सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण के लिए Safe Workplace Commitment/Pledge भी लिया गया।

ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं साइबर अपराधी

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी फोन कॉल, सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप अथवा फर्जी लिंक के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। कई बार वे स्वयं को बैंक, पुलिस, शासकीय विभाग, कंपनी या किसी विश्वसनीय संस्था का प्रतिनिधि बताकर विश्वास में लेते हैं। इसके बाद OTP, PIN, Password, CVV, बैंकिंग विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर आर्थिक ठगी की जाती है।

इसके अलावा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर Cyber Harassment, ब्लैकमेलिंग या अन्य प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी भी की जा सकती है।

दुर्ग पुलिस की अपील—सतर्क रहें, गोपनीय जानकारी साझा न करें

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, Password, CVV या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक, QR Code, फर्जी कॉल और अनजान मोबाइल एप से सावधान रहें।महिलाएं सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें। फर्जी प्रोफाइल, Cyber Harassment अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें। कार्यस्थल पर उत्पीड़न या असम्मानजनक व्यवहार की स्थिति में उपलब्ध POSH/ICC और संबंधित शिकायत तंत्र का उपयोग करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या संबंधित साइबर पुलिस इकाई को भी सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से आवश्यक कार्रवाई के साथ ठगी की रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

दुर्ग पुलिस का संदेश है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत है।