दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता: 45 लाख रुपये के 201 गुम मोबाइल मालिकों को लौटाए, कई राज्यों से ट्रेस कर की गई बरामदगी

सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी ट्रैकिंग की मदद से मिली सफलता, मोबाइल वापस मिलने पर खिल उठे लोगों के चेहरे

भिलाई। दुर्ग पुलिस ने जनसेवा और साइबर तकनीक के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए करीब 45 लाख रुपये मूल्य के 201 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई से लंबे समय से अपने मोबाइल खो चुके लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। कई लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन मोबाइल वापस मिलने पर उन्होंने दुर्ग पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सौंपे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मोबाइल धारक मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की।

सीईआईआर पोर्टल और आईएमईआई ट्रैकिंग से मिली सफलता

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मोबाइल गुम होने के बाद पीड़ितों ने संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही भारत सरकार के सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद दुर्ग पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा जिले के सभी थानों की संयुक्त टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, आईएमईआई ट्रैकिंग और लगातार निगरानी के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

छत्तीसगढ़ ही नहीं, दूसरे राज्यों से भी बरामद हुए मोबाइल

दुर्ग पुलिस का यह अभियान केवल जिले तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने भिलाई और दुर्ग के अलावा बालोद, बेमेतरा और राजनांदगांव जिलों से भी गुम मोबाइल बरामद किए। वहीं अंतर्राज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए बिहार, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी मोबाइल ट्रेस कर वापस मंगाए गए। यह कार्रवाई साइबर तकनीक और पुलिस टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम रही।

मोबाइल मिलने पर छलक उठी खुशी

पत्रकार वार्ता के दौरान कई मोबाइल स्वामी अपने खोए हुए फोन वापस लेने कंट्रोल रूम पहुंचे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल और उसमें सुरक्षित महत्वपूर्ण दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर तथा अन्य जरूरी डेटा वापस मिलने पर लोगों ने दुर्ग पुलिस और साइबर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने इसे पुलिस की संवेदनशील और जनहितैषी कार्यशैली का उदाहरण बताया।

साइबर सुरक्षा के प्रति भी किया जागरूक

मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। उन्होंने मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की।

जनसेवा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता

दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई न केवल लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने में सफल रही, बल्कि यह भी साबित किया कि आधुनिक तकनीक, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। पुलिस का यह अभियान आम नागरिकों में विश्वास बढ़ाने और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।