दुर्ग पुलिस का बड़ा साइबर ऑपरेशन: बिहार से संचालित करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार, बाल अपचारी अभिरक्षा में

 दुर्ग पुलिस का बड़ा साइबर ऑपरेशन: बिहार से संचालित करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार, बाल अपचारी अभिरक्षा में

पटना में किराये के फ्लैट से चल रहा था ऑनलाइन बेटिंग रैकेट, प्रतिदिन ₹12–15 लाख और प्रतिमाह ₹4–5 करोड़ के लेन-देन का खुलासा; 14 मोबाइल, 14 एटीएम कार्ड और 11 बैंक पासबुक जब्त।

भिलाई। ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना खुर्सीपार पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से संचालित एक संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रतिदिन लगभग ₹12 से ₹15 लाख तथा प्रतिमाह ₹4 से ₹5 करोड़ का ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन कर रहा था। मामले में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों और लाभार्थियों की तलाश जारी है।

तकनीकी जांच के बाद बिहार पहुंची पुलिस टीम

थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3), 318(4), 319 तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के अंतर्गत विवेचना की जा रही थी।

पूर्व में इस प्रकरण में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। मोबाइल डेटा, बैंक खातों, डिजिटल ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। इसके बाद विशेष टीम को बिहार के पटना भेजा गया, जहां नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

किराये के फ्लैट से चल रहा था ऑनलाइन सट्टा कारोबार

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पटना में किराये के मकान से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरोह देशभर के लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर अवैध सट्टा खिलाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार बैंक खाते बदलते थे और यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, नेट बैंकिंग तथा म्यूल बैंक खातों के माध्यम से रकम का लेन-देन कर वित्तीय गतिविधियों को छिपाने का प्रयास करते थे।

ऐसे संचालित होता था ऑनलाइन सट्टा

जांच में सामने आया कि आरोपी लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग समेत अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर खिलाड़ियों को आईडी उपलब्ध कराते थे। इसके बाद हार-जीत की राशि डिजिटल माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।

पुलिस का कहना है कि गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क चला रहा था और करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था।

जब्त की गई सामग्री

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग संबंधी सामग्री बरामद की है, जिनमें—

  • 14 मोबाइल फोन
  • 14 एटीएम कार्ड
  • 11 बैंक पासबुक
  • ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी सामग्री

जब्त उपकरणों और बैंक खातों का फॉरेंसिक एवं तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी

  • आफताब अहमद (24 वर्ष), निवासी अहमदनगर कैंप-2, रजा जामा मस्जिद के पास, थाना छावनी, भिलाई।
  • दानिश खान (24 वर्ष), निवासी कैंप-1, थाना वैशाली नगर, भिलाई।
  • एक विधि-विरुद्ध बालक, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

दुर्ग पुलिस के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और म्यूल खातों की जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और आर्थिक लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। इस मामले में अंतर्राज्यीय नेटवर्क की भी जांच जारी है।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा, अवैध बेटिंग और साइबर अपराध से दूर रहें। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। यदि किसी संदिग्ध ऑनलाइन सट्टा या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी मिले तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें।

दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।