कुम्हारी में खाद की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा: निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने पर ऋषभराज फर्टिलाइजर के संचालक पर एफआईआर दर्ज

कुम्हारी, दुर्ग। कुम्हारी क्षेत्र में किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला स्तरीय निरीक्षण दल की जांच में खाद की कालाबाजारी का खुलासा होने के बाद मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर के संचालक मनीष गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं 3 एवं 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार उर्वरक निरीक्षक सह कृषि विकास अधिकारी, क्षेत्र कुम्हारी की ओर से थाना कुम्हारी में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में बताया गया कि 13 जून 2026 को जिला स्तरीय निरीक्षण दल एवं उर्वरक निरीक्षक ने मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में नीम कोटेड यूरिया की 139 बोरी तथा एनपीके (11:30:14) की 144 बोरी स्टॉक में पाई गई।

जांच के लिए ग्राहक बनकर पहुंचे दल के सदस्य

निरीक्षण दल के सदस्य रमेश ठाकुर ग्राहक बनकर दुकान पहुंचे। पहले उन्होंने धान बीज की जानकारी ली, जिसके बाद यूरिया और एनपीके खाद खरीदने की इच्छा जताई। दुकानदार ने एक बोरी यूरिया की कीमत ₹550 तथा एक बोरी एनपीके (11:30:14) की कीमत ₹2,100 बताई, जबकि ये दरें शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक थीं।दुकानदार ने किसान होने का प्रमाण मांगते हुए ऋण पुस्तिका और बी-1 की प्रति देखी तथा पीओएस मशीन के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान मशीन से निकले कैश मेमो में यूरिया का मूल्य ₹266 और एनपीके का मूल्य ₹2,197 अंकित किया गया।जब निरीक्षण दल के सदस्य ने अधिक कीमत वसूलने और बिल में कम राशि दर्ज होने पर सवाल किया तो दुकानदार ने कथित तौर पर कहा कि “सरकार को यही रेट दिखाना पड़ता है।”

इसके बाद ग्राहक के आग्रह पर दुकानदार ने एक कच्चा बिल दिया, जिसमें यूरिया ₹550 और एनपीके ₹2,100, कुल ₹2,650 अंकित था। यह राशि फोन-पे के माध्यम से दुकानदार को भुगतान की गई।

जिला स्तरीय दल ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही जिला स्तरीय निरीक्षण दल तत्काल दुकान पहुंचा। मौके पर मौजूद कर्मचारी ने संचालक मनीष गुप्ता को बुलाया। निरीक्षण दल ने पीओएस मशीन की स्टॉक रिपोर्ट और गोदाम में उपलब्ध उर्वरक का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें स्टॉक सही पाया गया।इसके बाद निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने के आरोप में यूरिया एवं एनपीके खाद की जब्ती की कार्रवाई की गई तथा पंचनामा तैयार किया गया।

उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन

जांच में पाया गया कि संचालक द्वारा शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक का विक्रय कर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। इसके चलते उर्वरक निरीक्षक ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 28(1)(क) के तहत उर्वरकों की जब्ती की कार्रवाई की।lसाथ ही इस कृत्य को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 का उल्लंघन मानते हुए धारा 7 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध

उर्वरक निरीक्षक की शिकायत, पंचनामा एवं जब्ती दस्तावेजों के आधार पर थाना कुम्हारी पुलिस ने मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर के संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।