शराब घोटाला केस : चैतन्य बघेल की जमानत पर सुनवाई अब 22 सितंबर को
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को फिलहाल राहत नहीं मिल पाई है। बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने रायपुर जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अब तारीख बढ़ाकर 22 सितंबर कर दी गई है।
ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी से बचने के लिए चैतन्य ने यह याचिका लगाई है।
जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी
- ईडी ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर ही भिलाई निवास से गिरफ्तार किया था।
- गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत हुई।
- यह कार्रवाई एसीबी-ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई।
- जांच में सामने आया कि शराब घोटाले से प्रदेश के खजाने को करीब 2,500 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा।
16.70 करोड़ रुपए मिलने का आरोप
- ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए नगद घोटाले से मिले।
- इस रकम का इस्तेमाल उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया।
- पैसों का उपयोग ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंक प्रविष्टियों में किया गया।
- कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत कर फ्लैट खरीद-फरोख्त की आड़ में 5 करोड़ रुपए अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए गए।
1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति का संचालन
- ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्ति (POC) का संचालन किया।
- वे तत्कालीन कांग्रेस कोषाध्यक्ष तक पीओसी पहुंचाने में भी शामिल रहे।
- ईडी का कहना है कि बघेल परिवार के करीबी सहयोगियों को भी इस धनराशि का लाभ पहुंचाया गया।
- इस रकम के अंतिम उपयोग की जांच अब भी जारी है।
पहले से ही सलाखों के पीछे बड़े चेहरे
शराब घोटाले मामले में पहले ही कई बड़े नाम जेल की हवा खा रहे हैं –
- पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
- कारोबारी अरविंद सिंह
- रियल एस्टेट कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों
- कांग्रेस नेता अनवर ढेबर
- आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी
- पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा
अब सबकी निगाहें 22 सितंबर पर टिकी हैं, जब रायपुर जिला कोर्ट चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।



