गणेश चतुर्थी पर खेत में हथिनी ने शावक को दिया जन्म, गांव में उल्लास का माहौल


रायगढ़/ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक अनोखी और खुशखबरी सामने आई है। गणेश चतुर्थी के मौके पर बीती रात एक हथिनी ने खेत में स्वस्थ शावक को जन्म दिया। इस घटना ने पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है। ग्रामीण इस नवजात हाथी को भगवान गणेश का प्रतीक मानकर देखने उमड़ पड़े हैं।
खेत में गूंजी हथिनी की चिंघाड़
घरघोड़ा वन मंडल के केराभार गांव के एक खेत में रात करीब 3 बजे हथिनी ने शावक को जन्म दिया। जैसे ही हथिनी की चिंघाड़ गूंजी, आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग खेत में जमा हो गए और इस नन्हे गजराज को देखने की होड़ मच गई।
गणेश चतुर्थी पर शुभ संकेत मान रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना बेहद शुभ है। गांव के युवा तोष साहू ने बताया कि जब पूरा प्रदेश गणेश उत्सव मना रहा है, ऐसे समय पर उनके गांव में शावक का जन्म होना भगवान गणेश के आगमन जैसा है। लोगों ने इसे प्रकृति का आशीर्वाद मानते हुए उल्लास प्रकट किया।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि माँ और शावक दोनों स्वस्थ हैं। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे भीड़ न लगाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, क्योंकि हथिनी अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर आक्रामक हो सकती है।
हाथियों का दल भी मौजूद
घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी सी.के. राठिया ने जानकारी दी कि इस क्षेत्र में 47 हाथियों का दल विचरण कर रहा था, जिनमें से 11 छाल रेंज की ओर चले गए हैं और 36 हाथी यहीं मौजूद हैं। बीती रात जन्मे शावक को अब उसके दल से मिला दिया गया है और पूरी टीम उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
यह खबर न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे रायगढ़ क्षेत्र के लिए खुशी का विषय बन गई है। गणेश चतुर्थी पर शावक का जन्म मानो प्रकृति का अद्भुत तोहफ़ा है।





