दुर्ग में इंडिया गठबंधन का जन-आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी

 दुर्ग में इंडिया गठबंधन का जन-आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी

राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, इस्तीफा, एफआईआर और कार्रवाई की मांग; पटेल चौक पर पुलिस बैरिकेडिंग के बीच फूंका गया पुतला

दुर्ग। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कथित मनमानी और संवैधानिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ के आरोपों को लेकर बुधवार को दुर्ग में इंडिया गठबंधन के संयुक्त नेतृत्व में जोरदार जन-आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा को लेकर जमकर आवाज बुलंद की।

जन-आक्रोश मार्च की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा से हुई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए।

पटेल चौक पर पुलिस से आमना-सामना

मार्च के दौरान पटेल चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि चुनाव जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मताधिकार से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मार्च के बाद इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग रखी गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। ऐसे में उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निराकरण होना चाहिए।

‘यह किसी एक दल की नहीं, लोकतंत्र की लड़ाई’

इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा की लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि जब तक लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।