कुम्हारी हाईवे किनारे अवैध मांस-मटन दुकानों पर कार्रवाई की मांग, VHP-बजरंग दल और व्यापारी संघ ने सौंपा ज्ञापन
राकेश कुमार की रिपोर्ट
कुम्हारी। कुम्हारी के स्टेशन चौक से भिलाई हाईवे मार्ग के किनारे संचालित मांस-मटन की दुकानों को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं व्यापारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, कुम्हारी को ज्ञापन सौंपकर कथित रूप से बिना वैध लाइसेंस एवं निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित दुकानों की जांच कर कार्रवाई करने तथा इन्हें उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, दुर्ग, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं औषधि प्रशासन विभाग, दुर्ग तथा पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को भी सौंपी गई है।
व्यस्त स्टेशन चौक और हाईवे किनारे दुकानों पर जताई आपत्ति
ज्ञापन में कहा गया है कि कुम्हारी का स्टेशन चौक शहर का प्रमुख एवं व्यस्त सार्वजनिक चौराहा है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय नागरिकों का आवागमन होता है। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि स्टेशन चौक से भिलाई हाईवे रोड के बीच कई स्थानों पर खुले में मांस-मटन की बिक्री की जा रही है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि मांस-मटन बिक्री करने वाले व्यवसायियों के लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए तथा यदि दुकानें निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उपयुक्त स्थान पर दुकानें स्थानांतरित करने की मांग
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के सदस्यों तथा व्यापारी संघ ने नगर पालिका प्रशासन से मांस-मटन की दुकानों के लिए निर्धारित एवं उपयुक्त स्थान की व्यवस्था करने और मुख्य मार्ग एवं सार्वजनिक स्थानों से दुकानों को हटाने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नगर पालिका परिषद पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी।
अधिकारियों ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
ज्ञापन सौंपने वालों के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने समस्या के जल्द निराकरण एवं व्यवस्था को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक दुर्ग की ओर से ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस की जांच किए जाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा मौके की जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है और मुख्य मार्ग से संचालित इन दुकानों को लेकर व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाती है।



