डेंगू-मलेरिया पर निगम का प्रहार: 79 घरों का सर्वे, 271 प्रजनन स्रोतों की जांच

 डेंगू-मलेरिया पर निगम का प्रहार: 79 घरों का सर्वे, 271 प्रजनन स्रोतों की जांच

भिलाईनगर। मच्छर जनित बीमारियों डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई ने अभियान तेज कर दिया है। निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देशन में निगम के स्वास्थ्य अमले द्वारा लगातार घर-घर पहुंचकर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की जांच, लार्वा नियंत्रण और दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसी क्रम में जोन-4 शिवाजी नगर के वार्ड क्रमांक-51 शहीद वीर नारायण सिंह नगर, खुर्सीपार अंतर्गत डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया।

79 घरों में पहुंची निगम की टीम

अभियान के दौरान निगम के विशेष दस्ते ने 79 घरों का सर्वेक्षण किया और कुल 271 संभावित मच्छर प्रजनन स्रोतों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 19 स्थानों पर पुराना जमा पानी पाया गया, जिसे तत्काल खाली कराया गया। इनमें 5 कूलर, 5 पानी की टंकियां, 8 कंटेनर और 1 गमला शामिल रहा।

कूलरों में दवा का छिड़काव

मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए स्प्रेयर पंप के माध्यम से 81 कूलरों में पानी मिश्रित एक्यूगार्ड का छिड़काव किया गया। वहीं वयस्क मच्छरों के नियंत्रण के लिए 89 कूलरों में पानी मिश्रित मेलाथियान का छिड़काव किया गया।

इसके अलावा 71 सर्वेक्षित घरों के अंदर-बाहर, सीढ़ियों के नीचे तथा अंधेरे और नमी वाले स्थानों पर भी पानी मिश्रित मेलाथियान का छिड़काव किया गया।

नालियों में भी की गई नियंत्रण कार्रवाई

अभियान के दौरान मोहल्ले की पक्की एवं कच्ची नालियों का भी निरीक्षण किया गया। जहां कहीं पानी का जमाव मिला, वहां एक्यूगार्ड एवं मेलाथियान का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन को रोकने की कार्रवाई की गई।

नागरिकों को दी गई जागरूकता की जानकारी

निगम के स्वास्थ्य अमले ने सर्वेक्षित घरों में नागरिकों को डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी। लोगों को मच्छरों के प्रजनन स्रोत समाप्त करने, घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने के संबंध में आवश्यक स्वास्थ्य शिक्षा दी गई। इस दौरान जागरूकता संबंधी पम्पलेट भी वितरित किए गए।

निगम की नागरिकों से अपील

निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि घरों और आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा न होने दें। कूलर, पानी की टंकी, गमले, कंटेनर और अन्य पानी रखने वाले पात्रों की नियमित सफाई करें। सप्ताह में कम से कम एक दिन पानी के पात्रों को खाली कर अच्छी तरह सुखाएं।

निगम ने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल प्रशासनिक कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। घर-घर स्तर पर सावधानी और सामूहिक प्रयासों से ही मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।