6 इंच की सड़क बन रही थी महज 2.50 से 3 इंच! महापौर अलका बाघमार ने लगाई फटकार, गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

 6 इंच की सड़क बन रही थी महज 2.50 से 3 इंच! महापौर अलका बाघमार ने लगाई फटकार, गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

गया नगर में सीसी सड़क निर्माण का औचक निरीक्षण, निर्धारित मोटाई और चैनल निर्माण में मिली खामी; महापौर ने कहा—जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं

दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग के गया नगर वार्ड क्रमांक-5 स्थित महर्षि स्कूल लाइन में चल रहे सीमेंटीकरण सड़क निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं होने की शिकायत पर महापौर अलका बाघमार ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। महापौर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सड़क की मोटाई और निर्माण प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, जल कार्य प्रभारी लीना दिनेश देवांगन, पार्षद रंजीता पाटिल एवं कार्यपालन अभियंता मो. सलीम सिद्दीकी सहित निगम के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

6 इंच की जगह 2.50 से 3 इंच मोटाई मिली

क्षेत्रवासियों से प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने निर्माणाधीन सड़क की मौके पर मोटाई की जांच कराई। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना है, जबकि मौके पर सड़क की मोटाई लगभग 2.50 से 3 इंच तक पाई गई।

इसके अलावा सड़क निर्माण के दोनों ओर निर्धारित चैनल का भी समुचित निर्माण नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। निर्माण कार्य में इस तरह की स्थिति पाए जाने पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।

महापौर बोलीं—गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

महापौर अलका बाघमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंड, स्वीकृत प्राक्कलन और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के अनुरूप ही कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का उद्देश्य केवल कार्य को पूरा करना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत और टिकाऊ निर्माण करना है जिसका लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिल सके।

निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के निर्देश

महापौर ने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन सड़क की नियमित तकनीकी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों की जांच के बाद ही आगे का निर्माण कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लोक कर्म प्रभारी ने भी गुणवत्ता को बताया प्राथमिकता

लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर लगातार निगरानी रखने तथा ठेकेदार से निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही कार्य कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनता के पैसों से हो रहा निर्माण, गुणवत्ता जरूरी

महापौर ने कहा कि नगर निगम के विकास कार्य जनता के पैसों से कराए जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन सड़क को तकनीकी मापदंडों के अनुरूप मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए तथा आवश्यक जांच के बाद ही कार्य को आगे बढ़ाया जाए।

निरीक्षण के दौरान निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।