विधानसभा थाना परिसर में वाटर कूलर बना जानलेवा, करंट लगने से युवक की मौत; बचाने पहुंचे आरक्षक भी झुलसे
रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां विधानसभा थाना परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर में करंट उतरने से 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को करंट की चपेट में देखकर उसे बचाने पहुंचे एक पुलिस आरक्षक भी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गए। घायल आरक्षक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस और बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
पानी पीने पहुंचे युवक के साथ हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले के बिल्हा निवासी रमेश ठाकुर किसी काम से विधानसभा थाना पहुंचा था। इसी दौरान थाना परिसर के बाहर स्थित वाटर कूलर के पास वह पहुंचा। बताया जा रहा है कि वाटर कूलर के संपर्क में आते ही रमेश को तेज करंट लगा और वह वहीं गिर पड़ा।
अचानक हुए हादसे से थाना परिसर में मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। युवक को करंट की चपेट में देखकर उसे तत्काल बचाने का प्रयास किया गया।
युवक को बचाने पहुंचे आरक्षक भी आए करंट की चपेट में
रमेश को विद्युत प्रवाह से अलग करने की कोशिश के दौरान पुलिस आरक्षक गणेश भी करंट की चपेट में आ गए। इससे वह भी झुलस गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल बिजली की सप्लाई बंद कराई और दोनों को सुरक्षित करने का प्रयास किया।
हालांकि तब तक रमेश ठाकुर की मौत हो चुकी थी। वहीं घायल आरक्षक गणेश को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
वाटर कूलर में करंट कैसे आया, जांच में जुटा बिजली विभाग
हादसे की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वाटर कूलर के साथ उसके विद्युत कनेक्शन तथा आसपास की वायरिंग की जांच की।
प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह विद्युत प्रवाह से जुड़ी बताई जा रही है, लेकिन वाटर कूलर में करंट किन परिस्थितियों में उतरा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई, इसका स्पष्ट पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना के बाद पुलिस ने मृतक रमेश ठाकुर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
वहीं, बिजली विभाग की तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वाटर कूलर में विद्युत रिसाव किस कारण हुआ। थाना परिसर में हुई इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलरों और उनकी विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



