रक्षाबंधन पर पुलिस ने निभाया भाई का फर्ज, खारून नदी के पास महिला की बचाई जान
आत्मघाती कदम उठाने पहुंची 45 वर्षीय महिला को हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने समय रहते सुरक्षित बचाया, आरक्षकों ने भाई की तरह समझाकर बदला फैसला
दुर्ग। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जब भाई अपनी बहनों की सुरक्षा और खुशहाली का संकल्प लेते हैं, वहीं दुर्ग यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने भी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक महिला की जान बचाकर भाई का फर्ज निभाया। खारून नदी के पास आत्मघाती कदम उठाने की मंशा से पहुंची 45 वर्षीय महिला को पुलिसकर्मियों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर यातायात पुलिस द्वारा प्रमुख मार्गों और हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी दौरान 28 अगस्त 2026 को हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली कि रायपुर के कबीर नगर निवासी करीब 45 वर्षीय महिला खारून नदी के पास पहुंची है और वह आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम
सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक शिशुपाल तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। वहीं पॉइंट ड्यूटी पर तैनात आरक्षक कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिसकर्मियों ने महिला से किसी तरह की सख्ती करने के बजाय बेहद शांतिपूर्वक और संवेदनशील तरीके से बातचीत शुरू की। उन्होंने महिला की परिस्थिति और परेशानी को समझने का प्रयास किया तथा उसे भावनात्मक रूप से संभालते हुए आत्मघाती कदम नहीं उठाने के लिए समझाया।
पुलिसकर्मियों ने भाई की तरह समझाया
पुलिस टीम ने महिला के साथ अपनत्व का व्यवहार करते हुए उसे यह भरोसा दिलाया कि किसी भी परेशानी का समाधान बातचीत और सहयोग से निकाला जा सकता है। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद महिला शांत हुई और पुलिस टीम उसे सुरक्षित स्थान पर ले आई।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने महिला के पति को सूचना देकर मौके पर बुलाया। आवश्यक समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित रूप से उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया।
समय पर पहुंची टीम ने टाली संभावित अनहोनी
हाईवे पेट्रोलिंग टीम की तत्परता और संवेदनशील रवैये के कारण एक संभावित अप्रिय घटना को समय रहते टाल दिया गया। पुलिसकर्मियों ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रक्षाबंधन के दिन पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया कि वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी ही नहीं निभाते, बल्कि जरूरत के समय समाज के हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए भी खड़े रहते हैं।
दुर्ग यातायात पुलिस — सड़क की सुरक्षा के साथ हर जीवन की सुरक्षा के लिए भी सदैव तत्पर।



