अमलेश्वर पालिका में कांग्रेस का हल्लाबोल: 10 सूत्री मांगों पर धरना, 10 सितंबर को चक्काजाम की चेतावनी
आय-व्यय के हिसाब से लेकर अवैध कब्जे और अवैध प्लाटिंग तक उठे सवाल, मूलभूत सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने पालिका प्रशासन को घेरा
अमलेश्वर। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में विभिन्न जनसमस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को नगर पालिका के मुख्य गेट के सामने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 10 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और सीएमओ प्रीति गुप्ता के खिलाफ भी कांग्रेस नेताओं ने अपना आक्रोश जाहिर किया।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू, नेता प्रतिपक्ष दीपक घिघोड़े, अमलेश्वर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष महेंद्र साहू, छाया नगर पालिका अध्यक्ष मोरध्वज ‘मोनू’ साहू एवं छाया नगर पालिका अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
आय-व्यय से लेकर अवैध प्लाटिंग तक उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका के कामकाज, आय-व्यय, क्षेत्र में कथित अवैध कब्जों, अवैध प्लाटिंग और नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पालिका क्षेत्र की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान होना चाहिए, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।
कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर पालिका प्रशासन से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
अधिकारियों के पहुंचते ही सौंपा ज्ञापन
धरना स्थल पर नायब तहसीलदार पाटन भूपेंद्र सिंह और नगर पालिका सीएमओ प्रीति गुप्ता पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को अपनी 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पालिका की आय-व्यय संबंधी जानकारी, अवैध कब्जों एवं अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि यदि प्रशासन ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और निर्धारित समय में समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।
10 सितंबर को चक्काजाम की चेतावनी
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि 10 सूत्री मांगों का समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर 10 सितंबर 2026 को चक्काजाम किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यह केवल एक दिवसीय धरना नहीं है, बल्कि पालिका क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आंदोलन की शुरुआत है। मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा—जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को बेहतर सड़क, पानी, नाली, सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अवैध कब्जे और अवैध प्लाटिंग जैसे मामलों में भी निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना प्रदर्शन में पूर्व जिला पंचायत सभापति एवं छाया पालिका अध्यक्ष मोरध्वज मोनू साहू, छाया पालिका अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, पार्षद भोज सोनकर, डोमन यादव, घनश्याम साहू, पार्षद प्रतिनिधि गिरधर साहू, पार्षद मालती साहू, मीना रानी चेलक, लेखनी साहू एवं सेवती निषाद, वरिष्ठ कांग्रेसी धर्मेंद्र साहू, ओमकार घिघोड़े, युवा कांग्रेस महासचिव अमृत सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
अब निगाह 10 सितंबर पर: कांग्रेस की चेतावनी के बाद अमलेश्वर पालिका प्रशासन के सामने मांगों के निराकरण की चुनौती खड़ी हो गई है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो 10 सितंबर को प्रस्तावित चक्काजाम आंदोलन प्रशासन और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज कर सकता है।



